शिक्षामित्र अब 11 को जंतर-मंतर पर दिखाएंगे अपना दम

shikshak pad par samayojan बहाली के लिए andolit shiksha mitra अब दिल्ली में 11 सितंबर को अपनी एकजुटता का दम दिखाकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाएंगे। शनिवार को नगर के बड़ेल में शिक्षामित्रों ने बैठक कर दिल्ली जाने की रणनीति बनाई। रणनीति के मुताबिक shiksha mitra इस बार बस व चार पहिया वाहनों पर बैनर लगाकर नहीं जाएंगे। सामन्य यात्रियों की तरह Train / bus व अन्य वाहनों से जाएंगे ताकि सरकार उन्हें दिल्ली जाने से रोक न सके। बैठक में खासकर female shikshamitra व उनके परिजनों में दिल्ली आंदोलन के दृष्टिगत काफी जोश दिखाई पड़ा। दीपम वर्मा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने समान कार्य के लिए समान वेतन देने का निर्णय लेकर हम शिक्षामित्रों के आंदोलन को बल प्रदान किया है क्योंकि समान कार्य समान वेतन का वादा कर उत्तर प्रदेश के हमारे मुख्यमंत्री ने धरना 23 अगस्त को धरना समाप्त कराने के बाद खामोशी की चादर ओढ़ ली।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वादा खिलाफी के कारण ही हम लोगों को दिल्ली जाना पड़ा रहा है। Uttar pradesh prathmik shiksha mitra sangh के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हमारे साथ छल किया है। राजकीय आश्रम पद्धति के संविदा शिक्षकों की भांति शिक्षक के वेतन बराबर मानदेय न देकर आर्थिक रूप से कमजोर करने का काम किया है। केंद्र सरकार चाहे तो TETमें छूट का अध्यादेश लाकर samayojan बहाल कर सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस में आश्वासन भी दिया था। रविवार को सभी शिक्षामित्र दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन के लिए रवाना होंगे ताकि 11 सितंबर को समय से धरना स्थल पर पहुंच सकें। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल शर्मा, संजय शर्मा, गायत्री वर्मा, शशि पांडे, नीलम वर्मा, जयश्री, पल्लवी श्रीवास्तव, रागिनी, सविता विश्वकर्मा, सुशीला वर्मा, बविता वर्मा, बजरंग रावत, अमरेंद्र प्रताप सिंह, रोहित त्रिपाठी आदि शामिल थे।

हैदरगढ़ : पूर्व माध्यमिक विदयालय हैदरगढ़ में शिक्षामित्र संघ के ब्लॉक अध्यक्ष धर्मेंद्र मिश्र ने शिक्षामित्रों के साथ बैठक कर 11 सितंबर को दिल्ली में धरने में जाने की रणनीति बनाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की वादा खिलाफी से आहत होकर दिल्ली में धरना देने की विवशता है। शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रामबहादुर मिश्र का स्वागत भी किया।

मिश्र ने कहा कि शिक्षामित्रों ने अपना सुनहरा समय विभाग को दिया है। इन्हें उचित सम्मान का हक है।1शिक्षक नेता राकेश सिंह ने कहा वर्तमान सरकार का व्यवहार शिक्षामित्रों के साथ सौतेला है। बैठक को शिक्षक नेता ब्रजेंद्र सिंह, विवेक गुप्ता, अन्नपूर्णा मिश्र, मो. तैयब व देवी प्रसाद आदि मौजूद रहे।

सदमे में शिक्षामित्र की मौत: संसू, महसी (बहराइच): शनिवार को रामगांव थाना क्षेत्र के नौतला निवासी शिक्षामित्र की समायोजन रद होने के सदमे से मौत हो गई। शिक्षामित्र विशेश्वरगंज ब्लॉक के पकड़ी गांव में तैनात थे। समायोजन रद होने के बाद से वह अवसाद में रह रहे थे। मौत के बाद पूरा परिवार गम के समंदर में डूब गया। रामगांव थाना क्षेत्र के नौतला गांव निवासी शिक्षामित्र रघुनंदन कुमार वर्मा (39) पुत्र संतराम वर्मा समायोजन के तहत विशेश्वरगंज ब्लॉक के पकड़ीकला गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात थे। मृतक के चाचा लायकराम वर्मा ने बताया कि समायोजन रद होने का निर्णय सुनने के बाद रघुनंदन 25 जुलाई अवसादग्रस्त था। उन्होंने दोपहर में रघुनंदन ने सीने में तेज दर्द उठने की बात कही। कुछ ही पलों में उसकी हालत गंभीर हो गई। परिवारीजन जिला चिकित्सालय लेकर गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे पूर्व शिवपुर ब्लॉक के असवा मोहम्मदपुर में शिक्षामित्र विद्याप्रकाश ने भी जान देने की कोशिश की थी

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shiksha mitra protest at Jantar Mantar

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