69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए कटऑफ तय होने से शिक्षामित्रों में आक्रोश

  

परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए कटऑफ तय होने से शिक्षामित्रों में आक्रोश है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वसीम अहमद की अध्यक्षता में मंगलवार को आजाद पार्क में बैठक कर सरकार के मनमाने फैसले का विरोध किया।.

संघ के जिलाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने दो खुली भर्तियों में ही अवसर दिया था। सरकार के सौतेले व्यवहार से लगभग 950 शिक्षामित्रों की असमय मृत्यु हो चुकी है। सोमवार को जारी आदेश में 60-65 की कटऑफ लगाना गलत ही नहीं बल्कि विधि विरुद्ध है।.

संघ के जिला संरक्षक सुरेंद्र पांडेय ने कहा कि इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। सरकार की मनमानी का सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज किया जाएगा। 10 जनवरी को कुम्भ में मुख्यमंत्री के आगमन पर मांग पत्र दे कर तत्काल राहत मांगी जाएगी।.

इस मौके पर जनार्दन पांडेय कमलाकर सिंह, अमर बहादुर सिंह, अब्दुल मोकित, कौशलेश सिंह, शिवकांत सिंह, संतोष पाल, राघवेंद्र सिंह, गीता, अतुल द्विवेदी, विनय सिंह, जनार्दन और सुनील तिवारी आदि मौजूद थे।.

वहीं दूसरी ओर आदर्श समायोजित शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अश्वनी त्रिपाठी ने 60-65 कटऑफ लागू करने की निन्दा करते हुए कहा कि सरकार के इस तानाशाही फैसले का जवाब हम न्यायालय से लेकर सड़क तक देंगे। संगठन के मांडलिक मंत्री शारदा शुक्ला ने सभी शिक्षामित्रों को हिम्मत से काम लेने का अनुरोध करते हुए कहा कि यह हमारा खराब समय है। अपने जीवन को सुरक्षित रखें। संगठन बहुत जल्द आर-पार की लड़ाई का ऐलान करेगा। .

69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए रविवार को आयोजित लिखित परीक्षा निरस्त कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने लगातार दूसरे दिन परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय एलनगंज के बाहर मंगलवार को प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का दावा है कि 11 बजे परीक्षा शुरू होने के पहले ही पेपर व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था। इसके चलते परीक्षा की शुचिता नहीं रह गई है। लिहाजा सरकार पेपर को निरस्त करते हुए दोबारा परीक्षा कराए। .

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