41 हजार शिक्षकों को वेतन का भुगतान कराने के शासन के कड़े निर्देश

प्रयागराज : योगी सरकार की पहली सहायक शिक्षक भर्ती में नियुक्ति पाने वाले 41 हजार शिक्षकों को वेतन का भुगतान कराने के शासन व बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय के कड़े निर्देश हैं, फिर भी सभी बीएसए एक राह पर आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इसीलिए कुछ जिलों में तो नवनियुक्त शिक्षकों से हलफनामा लेकर भुगतान करने के निर्देश हो गए हैं, वहीं अधिकांश बीएसए सत्यापन कराने की तैयारी में ही जुटे हैं।

प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक स्कूल में सितंबर में नियुक्ति दी गई है। शासन की ओर से तैनाती पाने वाले शिक्षकों को वेतन भुगतान कराने के लिए कई पत्र लिखित व मौखिक रूप से निर्देश हो चुके हैं। अभ्यर्थियों के हाईस्कूल व इंटर के अभिलेखों की जांच ऑनलाइन की जा सकती है, जबकि अन्य अभिलेखों की संबंधित प्रशिक्षण संस्था या विश्वविद्यालय से सत्यापन होगा। ऑनलाइन अभिलेख सत्यापन की दिशा में बीएसए बढ़ने को तैयार नहीं है, बल्कि गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे शिक्षकों को धमकाया जा रहा है कि उनका प्रोबेशन पीरियड बढ़ा देंगे। इसी बीच उन्नाव के बीएसए ने वेतन भुगतान में तत्परता दिखाई है, उन्हांेने कई प्रमाणपत्रों का ऑनलाइन सत्यापन कराकर वेतन भुगतान के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों से एक सौ रुपये के स्टांप पेपर पर हलफनामा लिया गया है कि यदि जांच में अभिलेख कूटरचित या फिर फर्जी निकलते हैं तो उन पर एफआइआर दर्ज कराई जाएगी और दिए गए भुगतान की वसूली राजस्व वसूली की तरह होगी। रायबरेली, अमेठी, प्रयागराज आदि में नव नियुक्त शिक्षकों की समस्या सुनने को बीएसए तैयार नहीं है। इससे शिक्षक परेशान हैं। News Source jagran

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