पीसीएस 2020 – प्रारंभिक परीक्षा पर छाया संकट

प्रयागराज : उप्र लोकसेवा आयोग निरंतर प्रयासरत है कि परीक्षा, इंटरव्यू और परिणाम का सिलसिला जारी रहे। इसीलिए सशर्त कार्यालय खुलते ही अहम भर्ती का परिणाम जारी किया और पीसीएस, एसीएफ-आरएफओ भर्ती 2020 का विज्ञापन निर्गत किया। कुछ प्रतियोगियों ने ऑनलाइन आवेदन लेने का भी विरोध किया कि आखिर साइबर कैफे बंद हैं तो सभी दावेदारी कैसे कर सकेंगे। आयोग ने चंद दिन में ही उसे भी गलत साबित कर दिया, क्योंकि पंजीकरण व आवेदनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

परीक्षार्थियों के उत्साह को देखते हुए आयोग में इम्तिहान को लेकर भी मंथन चल रहा है। असल में, यह परीक्षा कैलेंडर के अनुसार 21 जून को होना प्रस्तावित है। देशभर में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अभी इस तरह के हालात नहीं है कि परीक्षा केंद्रों का चयन शुरू हो सके। इसके अलावा शारीरिक दूरी भी परीक्षा में सबसे बड़ी बाधा है। जिस तरह से आवेदन हो रहे हैं उससे तय है कि दो सौ पदों के लिए आवेदन पांच लाख या फिर उससे अधिक हो सकते हैं। ज्ञात हो कि पदों की संख्या में अभी बढ़ोतरी होना संभव है। ऐसे में आयोग को कई जिलों में इम्तिहान कराना होगा। यूपीपीएससी हर परीक्षा में परीक्षार्थियों की सहूलियत को देखते हुए प्रदेश के हर क्षेत्र में परीक्षा केंद्र तय करता आ रहा है।

इन दिनों कोरोना वायरस संक्रमण के कारण प्रदेश के कई महानगरों में अभी सशर्त छूट भी नहीं दी जा सकी है। साथ ही संक्रमित मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। आयोग अफसरों की मानें तो आवेदन प्रक्रिया 21 मई को पूरी हो जाएगी। उस समय तक हालात में बदलाव होने पर परीक्षा कराई जा सकती है। इसीलिए प्रक्रिया को प्रभावित नहीं किया गया है, बल्कि आयोग अपनी ओर से सारी तैयारियां पूरी रखेगा और माकूल समय आते ही परीक्षा कराएगा।

आयोग के सचिव जगदीश कहते हैं कि पहले पंजीकरण व आवेदन पूरी हों उसके बाद परीक्षा को लेकर स्थिति देखते हुए निर्णय लिया जाएगा, अभी से तय नहीं किया जा सकता है कि परीक्षा होगी या नहीं।

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