72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में सात हजार पद खाली

  

सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन रद होने के बाद एक लाख 37 हजार शिक्षामित्र अपने भविष्य को लेकर खासे चिंतित हैं तो अब तक हाशिये पर चल रहे बी.एड और टेट पास उन अभ्यर्थियों ने भी सरकार का दरवाजा खटखटाया, जिनके 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों के चयन के लिए काउंसलिंग हो गई है लेकिन, उन्हें अब तक भर्ती नहीं किया गया है। लगभग सात हजार शेष पदों पर भर्ती किए जाने की मांग करते हुए इन अभ्यर्थियों ने अपनी नियुक्ति के लिए सर्वोच्च न्यायालय के ही आदेश का हवाला दिया है।

72,825 प्रशिक्षु शिक्षक भारती 2011 के शेष रिक्त पदों के संदर्भ में आवेदकों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के कई अंतरिम आदेशों के बावजूद पिछली सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरा नहीं किया। जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने अंतिम आदेश में निर्धारित मापदंड यानि सामान्य वर्ग में 70 (105 टीईटी अंक) फीसद और आरक्षित वर्ग में 60 (90 टीईईटी अंक) फीसद से नियुक्त हो चुके लगभग 66 हजार उम्मीदवारों की परीक्षाओं को सही माना है।

सर्वोच्च न्यायालय ने अंतिम आदेश देते हुए इसी आधार पर बाकी बचे पदों को भी भरने का आदेश दिया है। अनुकूल सिंह, वेद निमेष, अनिल कुमार, उमाशंकर तिवारी, शोभित मिश्र, लक्ष्मीकांत सिंह, योगेश, ब्रिजेश कुमार, अखिलेश कुमार यादव, पंकज कुमार गौतम, वैज्ञानिक स्नेश गौतम, मनीष कुमार सहित पांच दर्जन से अधिक अभयर्थी जो प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं। , ने सरकार से मांग की है कि वे सर्वोच्च न्यायालय के अंतिम आदेश में माने गए मानदंडों के हिसाब से नियुक्ति के लिए अर्हता रखते हैं इसलिए बाकी लगभग सात हजा शेष पदों पर उनकी नियुक्ति की जाए। अभ्यर्थियों की समस्या यह है कि वे प्रशिक्षु शिक्षक पद के लिए परामर्श करवा चुके हैं फिर भी नियुक्ति नहीं पा रहे हैं।

मंत्री का निर्देश भी ताख पर : सात हजार शेष पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग कर रहे बीएड व टीईटी पास अभ्यर्थियों ने पिछले दिनों अपनी बात कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल और भाजपा अध्यक्ष के माध्यम से सरकार तक पहुंचाई थी।

एससीईआरटी निदेशक से मिलेंगे : काउंसलिंग कराने के बावजूद नियुक्ति न पा संभव अभ्यर्थियों का कहना है कि वे 16 अगस्त को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक सर्वेद्र विक्रम से लखनऊ जाएंगे मिलेंगे और अपनी मांग के संबंध में गहनता करेंगे। अभ्यर्थियों ने शेष पदों पर भर्ती किए जाने की उठाई मांग पर एक लाख 37 हजार शिक्षाकर्मी भविष्य को लेकर चिंतित हैं

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