सवालों के घेरे में उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा प्राचार्य भर्ती परीक्षा

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से पिछले दिनों आयोजित हुई प्राचार्य पद की लिखित परीक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप लग रहा है कि बहुत से परीक्षार्थियों ने अपनी ओएमआर शीट खाली छोड़ दी है। इसके पीछे मंशा गड़बड़ी करने की है।

इस आयोग की ओर से पूर्व में कराई गई असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती परीक्षा में खाली ओएमआर छोड़ने का मामला सामने आया था। हालांकि इस बारे में यह भी कहा जा रहा है कि परीक्षा में माइनस मार्किंग के चलते अभ्यर्थियों ने उतने ही प्रश्न किए हैं जितने उनको सही-सही आते थे। कुछ लोग इस भर्ती को फंसाना चाहते हैं और उन्हीं की ओर से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यह अफवाह फैलाई जा रही है कि परीक्षा में धांधली हुई है।

उधर, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के वाट्एसप ग्रुप पर भी एक विज्ञप्ति वायरल हुई है। जिस मामले में आयोग के ही एक सदस्य ने आरोप लगाया है कि इस विज्ञप्ति में प्राचार्य भर्ती से संबंधित तमाम ऐसी सूचनाएं हैं जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं लेकिन सदस्यों को इन सूचनाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। सदस्य का आरोप है कि बैठक में अगर कोई सदस्य उपस्थित नहीं होता है तो बाद में उसे बैठक के निर्णयों से अवगत नहीं कराया जाता है। प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य के रिक्त 290 पदों के लिए पहली बार लिखित परीक्षा हुई है, पूर्व में भर्ती इंटरव्यू के माध्यम से होती थी।

उच्चतर आयोग
– आयोग के एक सदस्य ने आयोग के वाट्सएप ग्रुप पर वायरल विज्ञप्ति पर उठाए सवाल
– आरोप है कि भर्ती में गड़बड़ी करने के लिए खाली छोड़ दी गई है ओएमआर शीट

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