पंचायत के माध्यम से होने वाले कार्य की जिम्मेदारी शिक्षक पर डालना उचित नहीं

लखनऊ : परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प का काम दो तरह से हो रहा है। पहला ग्राम पंचायत के माध्यम से और दूसरा स्कूलों में दी जाने वाली कंपोजिट ग्रांट से। पंचायत के माध्यम से होने वाले कार्य की जिम्मेदारी शिक्षक पर डालना उचित नहीं है। इससे उनका कोई मतलब नहीं। सिर्फ कंपोजिट ग्रांट से खर्च पैसे की जवाददेही शिक्षकों की है। अगर शासनादेश में कुछ स्पष्ट करना पड़ा तो वो भी होगा। ये बातें बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डा. सतीश चंद्र द्विवेदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा रिसालदार पार्क में आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के छह लाख शिक्षकों ने मिलकर कोविड केयर फंड के लिए 76,56,14,600 रुपये का योगदान दिया, जो कि सभी विभागों से सबसे बड़ा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डा. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि विभाग में एक ऐसे अधिकारी की नियुक्ति है जो शिक्षकों को कठपुतली समझते हैं। प्रदेश महामंत्री संजय सिंह व कोषाध्यक्ष शिवशंकर पांडेय मौजूद रहे।