पुरातन छात्र परिषद की मदद से विद्यालयों को चमकाया जाएगा

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इन सबको एक प्लेटफार्म पर लाया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक व शिक्षकों की रहेगी। पुरातन छात्र परिषद की मदद से विद्यालयों को चमकाया जाएगा। शैक्षिक गुणवत्ता और बेहतर बनाई जाएगी।

यूपी में करीब डेढ़ लाख प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। गोरखपुर में 2500 विद्यालय हैं। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है। अब पुरातन छात्र परिषद का गठन करके स्कूलों को और बेहतर बनाने की योजना है। इस सिलसिले में गत शनिवार को गोरखपुर आए बेसिक शिक्षामंत्री डॉ सतीश द्विवेदी ने विस्तार से जानकारी दी। बेसिक शिक्षामंत्री ने कहा कि विद्यालयों को गोद लेने का विकल्प दिया गया है। इसका बड़ा फायदा मिला है। गोरखपुर में गैलेंट इस्पात लिमिटेड और रोटरी क्लब ने स्कूलों को गोद लिया है। इन स्कूलों का कायाकल्प हो चुका है । सरकार की मंशा है कि ज्यादा से ज्यादा लोग आगे आएं और सरकारी स्कूलों को गोद लेकर व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग करें। इसी क्रम में ही पुरातन छात्र परिषद का गठन किया जा रहा है। जल्द सर्कुलर जारी कर दिया जाएगा।

यूपी के तमाम आईएएस, आईपीएस, डीआईओएस, बीएसए सहित अन्य अधिकारियों की प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूलों में हुई है। तमाम राजनेता हैं, जो सरकारी स्कूलों से पढ़कर निकले हैं इन सबको पुरातन छात्र परिषद का हिस्सा बनाया जाएगा इससे प्राथमिक विद्यालयों के संचालन, श्रावस्ती माना जाता है। श्रावस्ती में विकास व शैक्षिक गुणवत्ता को और बेसिक शिक्षामंत्री ने कहा कि दिल्ली के स्कूलों से यूपी की तुलना ठीक नहीं है। यूपी का सबसे छोटा जिला भी 1500 से ज्यादा प्राथमिक बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। दिल्ली में सबसे कम सरकारी विद्यालय हैं।

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