निजी स्कूलों की तर्ज पर जिले के परिषदीय स्कूलों को मॉडल स्कूलों के रूप में संवारा जा रहा

निजी स्कूलों की तर्ज पर जिले के परिषदीय स्कूलों को मॉडल स्कूलों के रूप में संवारा जा रहा है। अब इस श्रेणी में अंग्रेजी माध्यम के कंपोजिट विद्यालयों को भी मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। जिले में 1144 परिषदीय स्कूलों में 220 कंपोजिट विद्यालय (एक ही परिसर में प्राथमिक व जूनियर) हैं।

राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2021-22 के संबंध में दिए गए निर्देशों में इसकी घोषणा की गई है। आदेश के मुताबिक इसके लिए बीएसए को स्थलीय सत्यापन कराकर राज्य परियोजना कार्यालय को अपना प्रस्ताव भेजना होगा। ये मॉडल स्कूल अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणास्त्रोत का काम करेंगे। इन मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को विज्ञान, गणित एवं लैंग्वेज लैब, डिजिटल क्लासरूम, व्हाइट बोर्ड, स्टॉफ व बच्चों के लिए फर्नीचर, टाइल्स, शौचालय, खेल सामग्री, वॉटर कूलर, झूले, शैक्षिक व अन्य खिलौने आदि की सुविधाएं दी जाएंगी।

प्रधानाध्यापकों को भी स्कूल चलाने का तौर तरीका सिखाया जाएगा। इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी इन एजुकेशन कंपोजिट विद्यालयों में स्कूल नेतृत्व, क्षमा संवर्द्धन कार्यक्रम की योजना तैयार कर रहा है। जिसके तहत प्रधानाध्यापकों को विद्यालय की कार्यात्मक चुनौतियों का समाधान करना और प्रत्येक कंपोजिट विद्यालय में कार्यात्मक प्रणाली को सुचारु रूप से सही दिशा की ओर ले जाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शासन की ओर से विद्यालय के चयन के लिए रिपोर्ट मांगी गई है, उसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है। रिपोर्ट आने के बाद शासन को अवगत कराया जाएगा। – राकेश सिंह, बीएसए

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