माध्यमिक शिक्षा में विद्यालय संकुल व्यवस्था लागू होगी

लखनऊ। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत एक-दूसरे की दक्षता और संसाधनों के उपयोग के लिए माध्यमिक शिक्षा में विद्यालय संकुल व्यवस्था लागू होगी। इसके लिए 2021-22 में योजना तैयार कर उसे 2022-23 से लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था को राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के 5 से 10 किमी की परिधि में स्थित प्राइमरी और मिडिल स्कूलों तक सीमित रखा जाएगा।

प्रत्येक संकुल के माध्यमिक विद्यालय में वर्चुअल क्लास रूम बनाने के साथ ही विद्यालय एक-दूसरे के संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे और विद्यार्थियों का आदान-प्रदान भी हो सकेगा। सत्र 2023- 24 से इस व्यवस्था में ग्रामीण क्षेत्रों के उन वित्त पोषित स्कूलों को भी शामिल किया जाएगा, जिनकी छात्र संख्या 500 से अधिक है। तीसरे चरण में अभिनव विद्यालयों को शामिल करने की योजना है। विद्यालयों के संबद्धीकरण के तहत एक निजी और एक राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को संबद्ध किया जाएगा। इससे वे एक-दूसरे की दक्षता और संसाधनों का लाभ उठा सकें। निजी विद्यालयों को किसी बोर्ड विशेष को संबद्धता तक सीमित नहीं रखा जाएगा। सीबीएसई, आईसीएसई से संबद्ध स्कूलों को भी यूपी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों से जोड़ा जाएगा।

राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण का गठन होगा प्रदेश में सभी शिक्षा बोड़ों से संबद्ध स्कूलों को व्यूनतम व्यावसायिक और गुणवत्ता के मानकों का पालन कराने के लिए राज्य स्तर पर 2021 के अंत तक राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण गठित किया जाएगा। स्कूली शिक्षा व्यवस्था में नीति निर्धारण, शैक्षिक संचालन, गुणवत्ता विनियमन और अकादमिक मानकों का निर्धारण विभिन्‍न निकायों की ओर से किया जाएगा। प्राधिकरण की गाइडलाइन केंद्र सरकार की ओर से दी जाएगी। प्रदेश स्तर पर भी उसमें विद्यार्थियों के समग्र सीख परिणाम, विद्यालय प्रबंधन, विद्यार्थी सुरक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, तकनीकी प्रयोग और विद्यालयों के लेखा परीक्षा का विवरण शामिल किया जाएगा। प्राधिकरण निजी और सरकारी स्कूलों का मूल्यांकन एवं प्रमाणन समान मापदंड के आधार पर करेगा। इस व्यवस्था को 2022-23 से चरणबद्ध लागू किया जाएगा।

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