इनोवेशन के जरिये बेहतर होगी स्कूली शिक्षा

स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए देश के विभिन्न इलाकों में हो रहे इनोवेशन (नवाचार) को अपनाने में अब सरकार काफी सक्रियता दिखाएगी। विभिन्न राज्यों में हो रहे ऐसे प्रयोग को ना सिर्फ देशभर में प्रचारित किया जाएगा, बल्कि उसे अन्य जगहों पर अपनाने पर भी जोर होगा। गैर सरकारी संगठनों की ओर से उठाए जा रहे बेहतर कदमों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रलय ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में इनोवेशन और अच्छे उदाहरणों पर चर्चा कर उन्हें व्यापक तौर पर अपनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत अब तक चार क्षेत्रीय कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। चौथी इसी हफ्ते शुक्रवार से शनिवार तक बेंगलुरु में हुई है। इससे पहले रायपुर, पुणो और गुवाहाटी में कार्यशालाएं हो चुकी हैं। इसी तरह का एक और कार्यक्रम अगले महीने चंडीगढ़ में आयोजित होगा।

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इसके तहत सबसे ज्यादा जोर इस बात पर है कि किसी भी जगह स्कूली शिक्षा में हो रहे नए प्रयासों, सफलता की कहानियों और अच्छे उदाहरणों के बारे में देशभर में चर्चा हो और उन्हें अपनाया जाए। सबसे पहले राज्यों को ऐसे तरीकों को अपनाने के लिए खुलकर सामने आने को कहा जा रहा है। जहां इसके अच्छे नतीजे दिखाई दे रहे हैं, उनके बारे में पूरा अध्ययन कर उसे देशभर में शिक्षा के कार्यक्रमों में लगे लोगों तक पहुंचाने के साथ ही नीति निर्माताओं तक भी पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए खास तौर पर वेबपोर्टल ‘शगुन’ पर ऐसे उदाहरण उनकी कहानियों, चित्रों, वीडियो और डॉक्यूमेंट्री के साथ पेश किए जा रहे हैं।

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ऐसे प्रयोगों से लाभान्वित हुए आम लोग, छात्र, अभिभावक और शिक्षक आदि के बयान भी इसमें शामिल किए जा रहे हैं। झारखंड में बच्चियों को स्कूल लाने के लिए चलाए गए विशेष अभियान और आंध्र प्रदेश में स्कूल चलाने में जन भागीदारी को बढ़ावा देने के उदाहरण को विशेष तौर पर पेश किया गया है। इनको ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए अब न्यूजलेटर और प्रिंटेड रिपोर्ट भी तैयार की जा रही हैं।

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