नौ वर्ष से कार्यरत बेसिक शिक्षा परिषद सचिव पद से हटाए गए संजय सिन्हा

  

बेसिक शिक्षा परिषद सचिव पद से हटाए गए संजय सिन्हा यहां नौ वर्ष तक कार्यरत रहे हैं। पहली बार उनकी तैनाती 22 दिसंबर, 2000 को हुई थी, उस समय वह 31 मई, 2003 तक तैनात रहे। इसके बाद इलाहाबाद डायट प्राचार्य व अन्य पदों पर कार्य किया। दूसरी बार सचिव परिषद के रूप में 20 दिसंबर, 2012 को फिर नियुक्त हुए। तब से निरंतर कार्य कर रहे थे। इस दौरान बड़े पैमाने पर शिक्षकों की नियुक्तियां उनकी देखरेख में हुईं। वह इन दिनों एससीईआरटी के निदेशक हैं। सचिव परिषद का वह अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। शिक्षक भर्ती में चयन मानक व जिला आवंटन को लेकर सरकार नाराज हुई।

दो साल सात माह पद रहीं डा. सुत्ता : परिक्षा नियमाक प्रधान सचिन यूपी इलाहाबाद के पद पर डा. सुत्ता सिंह की तैनाती 24 दिसंबर, 2016 को हुई थी। इसके पहले वे लखनऊ की मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक सहित विभिन्न पदों पर रही हैं। कुछ माह पहले ही उनकी पदोन्नति अपर शिक्षा निदेशक के रूप में हुई। शिक्षक भर्ती में व्यापक गड़बड़ी मिलने का जिम्मेदार उन्हें ही माना जा रहा है। इसीलिए निलंबन के साथ ही अनुशासनिक कार्रवाई भी प्रस्तावित है।

चयन बोर्ड की सचिव रह चुकीं रूबी : बेसिक शिक्षा परिषद सचिव पद पर तैनात हुईं रूबी सिंह इसके पहले भी इलाहाबाद में तैनात रही हैं। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र में सचिव के रूप में 2013 टीजीटी-पीजीटी की भर्तियां उनके समय में ही हुई हैं। इसके अलावा कई जिलों में डीआइओएस सहित अन्य पदों पर कार्यरत रही हैं।

Pariksha Niyamak Pradhikari Sachiv

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