शिक्षकों की चाक डाउन हड़ताल से पढ़ाई बाधित

शिक्षकों ने सातवें वेतन आयोग की मांग करते हुए धरना दिया जिससे गुरुवार को पठन-पाठन का कार्य बाधित हुआ शिक्षक सातवें वेतन आयोग के अनुरूप भुगतान दिए जाने की मांग कर रहे हैं। शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतन ना दिए जाने पर शिक्षकों में काफी रोष है। शिक्षक बोल रहा है कि अधिकारी हर महीने वादा कर रहा है, लेकिन उन पर कोई अमल नहीं हो रहा है, जिससे शिक्षक काफी परेशान है। उत्तर प्रदेश के शिक्षकों को फरवरी महीने के वेतन का अभी तक भुगतान नहीं मिल पाया है यह लेट लतीफी से कैसे काम चलेगा। उत्तर प्रदेश बीट शिक्षक संघ के सचिव, शिक्षा निदेशक व अन्य अफसरों को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। जिस पर अभी तक कोई अमल नहीं हुआ है। शासन ने एक जनवरी 2017 से सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन वृद्धि करते हुए भुगतान का आदेश किया था।

जब सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन वृद्धि करने का सरकार उस तरफ से शासनादेश आ गया था तो सॉफ्टवेयर बनवाने में इतने विलंब क्यों तीन महीने हो गए अभी तक सॉफ्टवेयर तैयार नहीं हो गए जिससे शिक्षकों को उनकी वृद्धि हुई वेतन नहीं मिला है और फरवरी महीने के वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इंही सभी परेशानियो को देखते हुए शिक्षक और शिक्षण कर्मचारी कर्मचारी आंदोलन की राह पर चल रहा है। उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीकॉम शिक्षक संघ के आह्वान पर लगभग पांच लाख शिक्षकों ने गुरुवार को चाक डाउन हड़ताल करके भुगतान की मांग की है। इस आंदोलन से प्रदेश के लाखों छात्रों का भी बहुत नुकसान हो रहा है जिसके कारण प्रदेश में पथन-पाठन पूरी तरह चौपट हो रहा है। शिक्षक संघ ने बेसिक शिक्षा सचिव से वेतन भुगतान के लिए ग्रांट उपलब्ध कराने की मांग की है। इसी तरह प्राइमरी स्कूल के शिक्षामित्रों का भी वेतन नहीं मिल पा रहा है शिक्षामित्रों का पिछले तीन महीने से भुगतान नहीं किया गया है। प्रतिनिधित्वमंडल में संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार यादव, महामंत्री धर्मेद्र यादव, संदीप दत्त, उबैद अहमद सिद्दीकी आदि मौजूद थे।

रिक्त पद भरने को धरना जारी : उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान व गणित शिक्षकों के रिक्त पद भरे जाने की मांग फिर तेज हो गई है। युवाओं का कहना है कि बीते जनवरी माह में दूसरे चरण की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी, उसे अब पूरा कराया जाए। दूसरे दिन परिषद मुख्यालय पर युवाओं ने धरना देकर अफसरों का ध्यान खींचा। शासन ने 2013 में उच्च प्राथमिक स्कूलों में 29334 विज्ञान व गणित के शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश दिया था। जिसमें प्रथम से सप्तम चक्र व 82 अंक वालों की कॉउंसलिंग कराने के बाद भी सीटें रिक्त रह गई थी।

कोर्ट ने 25 नवंबर 2016 को रिक्त पद भरने का आदेश दिया। शासन ने 30 दिसंबर को आदेश जारी किया। इसमें 2 से 10 जनवरी तक प्रथम चरण व 11 से 15 जनवरी तक द्वितीय चरण को पूरा करना था। पहले चरण में उन अभ्यर्थियों को मौका दिया गया, जिनका अभ्यर्थन ही निरस्त हो गया था। यह प्रकरण उछलने पर परिषद ने दूसरे चरण की प्रक्रिया भी रोक दी थी। युवा उसी आदेश को पूरा कराने की मांग कर रहे हैं। दिलीप कुमार, राजेंद्र प्रसाद, ऋषि राज, संजय ने रिक्त पद भरने की मांग की है।

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