68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा एसटीएफ की निगरानी में

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 68500 सहायक अध्यापक भर्ती की घोषणा के बाद भर्ती परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी से कराने की शासन के सामने एक बड़ी चुनौती बनाई हुई है। सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2018 में किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठाने की तैयारी कर रही है। क्यों की टैट परीक्षा में सॉल्वर गैंग का बोलवाला रहा था। टैट परीक्षा से सबक लेते हुए सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा को एसटीएफ की निगरानी में करने की योजना बनाई जा रही है। एसटीएफ ने टैट परीक्षा के दौरान अलाहाबाद, लखनऊ समेत कई जिलों में परीक्षार्थिओं के स्थान पर दूसरे लोग को परीक्षा देते हए पकड़ा था। ऐसे में सहायक अध्यापक भर्ती में किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये जा रहे है।

परिषदीय विद्यालयों में 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए लगभग दस लाख आवेदन आने का अनुमान लगाया जा रहा है जिसकी परीक्षा12 मार्च को होनी है। इसके पहले परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से 15 अक्टूबर 2017 को टैट परीक्षा कराई गयी थी। 2017 की टैट परीक्षा के लिए कुल नौ लाख 97 हज़ार 760 अभ्यर्थिओं ने आवेदन किया था। इस टैट परीक्षा के दौरान एसटीऍफ ने अलाहाबाद एंवम बागपत में तीन तीन लखनऊ एंवम सहारनपुर में एक एक व्यक्ति को दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा था। इसी तरह भदोही में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और गौतम बुद्ध नगर में मोबाइल का प्रयोग करते हुए एक एक अभ्यर्थी को पकड़ा गया था। इसी तरह कई अन्य जिलों में भी इसी तरह की गड़बड़ियां पकड़ी गयी थी।

टैट परीक्षा में सॉल्वर गैंग के लोगो को एसटीएफ द्वारा पकडे जाने से प्रदेश सरकार अब सचेत हो गई है इसलिए इन सब गड़बड़ी को देखते हुए शासन से लेकर परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय तक सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में मे किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी करना नहीं चाहते। सभी जनपदों में इस परीक्षा को शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से करने के लिए शासन ने इसकी जिम्मेदारी डीएम को सौंपी है। इसके साथ भर्ती परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी से करने के लिए परीक्षा केंद्रों पर एसटीऍफ लगाने की योजना बन रही। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के अफसरों के मुताबिक परीक्षा शासन के दिशा निर्देश के अनुसार कराई जाएगी। परीक्षा में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए पुख्ता इंतजाम किये जा रहे है।