सहायक अध्यापक भर्ती का एक और रिजल्ट जारी होगा

इलाहाबाद1परिषदीय स्कूलों की लिखित परीक्षा का एक और रिजल्ट जारी होगा। संशोधित परीक्षा परिणाम में सफल अभ्यर्थियों की तादाद करीब एक सौ के आसपास होने की उम्मीद है। उन सभी को नए सिरे से शिक्षक बनने का मौका भी दिया जाएगा। दूसरा रिजल्ट इसी माह के अंत तक घोषित होने के संकेत हैं।

शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद से अभ्यर्थी लगातार परिणाम पर सवाल उठा रहे हैं। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डा. सुत्ता सिंह 22 अगस्त को इस मामले का संज्ञान लेकर उन प्रकरणों की जांच करा रही हैं, जिन्होंने अधिक अंक मिलने का दावा किया है लेकिन, रिजल्ट में अनुत्तीर्ण हो गए हैं। इसके लिए रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह ऐरी की अगुवाई में टीम सभी प्रकरणों को खंगाल रही है। उसी समय यह भी कहा गया था कि जांच में यदि त्रुटियां मिली तो उन्हें शुद्ध कर अभ्यर्थियों को नियमानुसार अवसर दिया जाएगा। कार्यालय के सूत्रों की मानें तो इसी माह परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव शिक्षक भर्ती का एक और परिणाम जारी करेंगी। इस संशोधित रिजल्ट में सफल होने वालों की तादाद एक सौ या उससे अधिक होने के संकेत हैं। परिणाम में सोनिका देवी, अंकित वर्मा, मनोज कुमार जिनके प्रकरण सामने आ चुके हैं।

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एससीईआरटी बनाएगा लिखित परीक्षा जांच समिति : शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा की अब दो समितियां जांच करेंगी। पहली समिति प्रकरणों की छानबीन कर रही है, दूसरी समिति का निर्धारण राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद उप्र यानी एससीईआरटी तय करेगा। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने निदेशक को पत्र भेजा है। परिषदीय स्कूलों की सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में अनुसूचित जाति की अभ्यर्थी सोनिका देवी की उत्तर पुस्तिका अन्य अभ्यर्थी से बदल गई है। इसे बार कोड की गलती बताया जा रहा है। यह प्रकरण हाईकोर्ट तक पहुंचा और कोर्ट ने निर्देश दिया कि जांच कराई जाए। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने एससीईआरटी के निदेशक संजय सिन्हा को पत्र लिखा कि उन्हीं के स्तर से समिति का गठन किया जाए, ताकि रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जा सके।

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लीजिए भर्ती के दो रिजल्ट : शिक्षक भर्ती में इस बार हर कार्य दो बार हुआ है। पहले दो उत्तीर्ण प्रतिशत तय हुए फिर दो चयन सूची बनी। दो दिन पहले दो तरह का जिला आवंटन हुआ और अब दो परीक्षा परिणाम जारी होने की तैयारी शुरू है। यही नहीं, परीक्षा की तारीख तक दो बार बदली है, पहले 12 मार्च तय थी, उसे बढ़ाकर 27 मई किया गया था।

एवार्ड ब्लैंक पर अंक दर्ज नहीं : जांच में यह बात सामने आई है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन काफी हद तक सही है लेकिन, कॉपियों पर दर्ज अंक को एवार्ड ब्लैंक पर लिखने में त्रुटि हुई है। यह कार्य राजकीय कालेजों के शिक्षकों ने किया है। कई ने बार कोड या कॉपी पर दर्ज अन्य सूचनाएं अंक की जगह लिख दी हैं। इसलिए अभ्यर्थियों का परिणाम में गड़बड़ी दिख रही है। पहले यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा में एवार्ड ब्लैंक में कम अंक और रिजल्ट में अधिक अंक का प्रकरण सामने आ चुका है। जबकि इस प्रतियोगी परीक्षा में कॉपी के ज्यादा अंक एवार्ड ब्लैंक पर दर्ज नहीं हुए हैं।

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