यूपी बोर्ड के छात्र साक्ष्य पेश न किए तो निरस्त होगा रोल नंबर

आगरा: उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद बोर्ड परीक्षा में बैठने की तैयारी कर रहे सैकड़ों बाहरी छात्र-छात्रओं पर संदेह जताया है। परिषदीय क्षेत्रीय सचिव ने करीब 300 स्कूलों को आदेश जारी कर ऐसे छात्रों का ब्योरा मेरठ तलब किया है। स्पष्ट निर्देश हैं कि कूटरचित अर्हता पाए जाने पर इनका अनुक्रमांक रद्द कर दिया जाएगा। इन आदेश ने स्कूलों में खलबली मचा दी है।

नकल विहीन परीक्षा को लेकर शासन सख्त है। इसका असर फार्मो की जांच में भी साफ दिखाई दे रहा है। मेरठ कार्यालय से माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय सचिव राणा सहस्त्रंशु कुमार सुमन ने हाईस्कूल और इंटर की परिषदीय परीक्षा में शामिल होने वाले फोरबी (बाहरी) वाले छात्रों पर नजरें टेढ़ी कर ली हैं। विभाग ने नॉमिनल रोल लिस्ट के साथ एक नोटिस भी स्कूलों को भेजा है, जिसमें फोरबी वाले छात्रों का ब्योरा मेरठ तलब किया है। डीआइओएस रवींद्र सिंह का कहना है कि बोर्ड ने बाहरी छात्रों का ब्योरा तबल किया है, स्कूलों को निर्देश है कि वह जल्द से जल्द मेरठ जाकर साक्ष्यों की जांच करा लें, देरी या लापरवाही पर विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

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क्या है फोरबी फॉर्म: शासन में फोरबी में वह फॉर्म आते हैं, जो स्कूल बाहर के छात्रों को प्रवेश लेता है। बोर्ड ने प्रत्येक स्कूल में ऐसे छात्रों की संख्या 10 निर्धारित की है, जो दूसरे बोर्ड से आ सकते हैं। इन पर बोर्ड की विशेष नजर है, ताकि इनकी आड़ में बाहरी राज्यों के गलत छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल न हो पाएं।

निरस्त होगा अनुक्रमांक

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि अर्हता से जुड़े साक्ष्य न भेजने या कूटरचित पाए जाने या पूरी न करने वाले परीक्षार्थियों के अनुक्रमांक निरस्त कर उनके प्रवेशपत्र रोक दिए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।

चार्ट में हाइलाइट हैं नाम

क्षेत्रीय कार्यालय से शिक्षा विभाग में आए स्कूलों के लिफाफों में जो नॉमिनल रोल लिस्ट है, उनमें ऐसे छात्रों के रोल नंबर और नाम के आगे हाइलाइटर लगाकर भेजा गया है। ऐसे एक या दो नहीं, बल्कि 300 स्कूल हैं, जिन्हें बोर्ड ने यह लेटर भेजा है। बोर्ड का ध्यान विशेष रूप से इन्हीं छात्रों पर है।

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