चंद्रमा यादव की गिरफ्तारी के बाद 69000 शिक्षक भर्ती में हुई धांधली हो सकता है खुलासा – STF

प्राथमिक विद्यालयों में 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती से जुड़े फर्जीवाड़े की जांच जल्द ही अंतिम नतीजे तक पहुंच सकती है। प्रयागराज जिले के पंचम लाल आश्रम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक चंद्रमा यादव की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ इस मामले का खुलासा कर सकती है। जांच में ऐसे साक्ष्य मिले हैं कि इसी केंद्र पर हुई गड़बड़ी का फायदा उठाकर कुछ अभ्यर्थी परीक्षा में अधिक अंक पाने में सफल हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार एसटीएफ को ऐसे साक्ष्य मिले हैं कि प्रयागराज के इस एक परीक्षा केंद्र पर ही 40 से 45 अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया है। प्रबंधक चंद्रमा यादव अपने इस विद्यालय में होने वाली परीक्षाओं के पेपर डॉ. केएल पटेल को व्हाट्सअप के माध्यम से भेज देता था। इसके बाद पहले से जिन अभ्यर्थियों से सेटिंग होती थी, उनके कान में ब्लूट्रूथ डिवाइस और शरीर के अंदरुनी हिस्से में एक मोबाइल बंधा रहता था और उन्हें पूरा हल करा दिया जाता था। इस मामले में डॉ. केएल पटेल और उसके सहयोगी लेखपाल संतोष कुमार बिंद समेत 11 लोग पहले से गिरफ्तार हैं।

रेलवे भर्ती में भी सक्रिय था पटेल का गैंग
फरवरी 2019 में हुई रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षाओं की शुचिता भंग करने में डॉ. केएल पटेल के गैंग को पकड़ा गया था। इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज किया गया था। इसी तरह टीईटी 2019 की 8 जनवरी 2019 में हुई परीक्षा में भी इस गैंग ने 45 अभ्यर्थियों को नकल कराने का ठेका लिया था लेकिन परीक्षा से दो दिन पहले ही चंद्रमा यादव को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया था। इस कारण गैंग को पेपर उपलब्ध नहीं हो पाया था। चंद्रमा कुछ माह पहले ही जमानत पर छूटकर आया था।

अमिताभ ठाकुर ने सौंपे साक्ष्य
आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने शिक्षक भर्ती के परिणाम के संबंध में सोमवार को एसटीएफ को कुछ साक्ष्य सौंपे। उन्होंने एसटीएफ की प्रयागराज इकाई के एएसपी नीरज पाण्डेय से फोन पर वार्ता कर बताया कि उनके पास शिक्षक भर्ती से जुड़े कई साक्ष्य उपलब्ध हैं। एएसपी ने उन्हें व्हाट्सएप से उक्त सूचनाएं देने को कहा। इसके बाद अमिताभ ठाकुर ने उन्हें व्हाट्सएप पर अपने पास उपलब्ध साक्ष्य ऊन्हें भेज दिए। इसमें अभिलेख, टिप्पणी, ऑडियो तथा विडियो रिकॉर्डिंग शामिल हैं।

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