डीएलएड-2018 का परिणाम जारी

प्रयागराज : प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने के दावेदार अर्हता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पा रहे हैं। डीएलएड 2018 चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा में प्रशिक्षुओं ने सबसे शर्मनाक प्रदर्शन किया है। महज 11,913 प्रशिक्षु उत्तीर्ण हुए हैं, जबकि 43,299 अनुत्तीर्ण हो गए हैं। इस सेमेस्टर का बैक पेपर देने वालों का हाल भी खराब है। केवल 9375 उत्तीर्ण हुए हैं, जबकि 8814 प्रशिक्षु अनुत्तीर्ण हुए हैं।

परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव उत्तर प्रदेश प्रयागराज ने शुक्रवार को डीएलएड व बीटीसी के कई सेमेस्टरों का परिणाम जारी किया है, जिसे प्रशिक्षु वेबसाइट पर देख सकते हैं। कक्षोन्नति न पाने वाले डीएलएड चतुर्थ सेमेस्टर के 56,560 प्रशिक्षुओं ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था, जिसमें 56,312 परीक्षा में शामिल हुए। इसमें 214 परीक्षा से अनुपस्थित रहे, 34 का परिणाम निरस्त हुआ, जबकि 1017 का रिजल्ट अपूर्ण है। 29 प्रशिक्षुओं को अनुचित साधन के साथ पकड़ा गया था। इसी बैच के आंशिक व अनुत्तीर्ण के लिए 18,274 प्रशिक्षु पंजीकृत थे, जिसमें 18,231 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 43 अनुपस्थित रहे। 10 का परिणाम रोका गया है। 29 का रिजल्ट अपूर्ण है, जबकि तीन अनुचित साधन में पकड़े गए थे। बीटीसी मृतक आश्रित चतुर्थ सेमेस्टर बैक पेपर में तीन प्रशिक्षु पंजीकृत थे। सभी परीक्षा में शामिल हुए, जिसमें एक का रिजल्ट अपूर्ण, एक अनुत्तीर्ण व केवल एक उत्तीर्ण हुआ है। डीएलएड 2017 चतुर्थ सेमेस्टर आंशिक व अनुत्तीर्ण के लिए 12012 प्रशिक्षु पंजीकृत, 11668 परीक्षा में शामिल, 336 अनुपस्थित, 13 का रिजल्ट अपूर्ण रहा, जबकि 12 अनुचित साधन के साथ पकड़े गए। इसमें भी केवल 3385 प्रशिक्षु उत्तीर्ण व 8258 अनुत्तीर्ण हैं, जबकि आठ का परिणाम रोका गया है। बीटीसी आंशिक व अनुत्तीर्ण 2013 चतुर्थ सेमेस्टर में पांच अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिसमें दो का परिणाम अपूर्ण व तीन उत्तीर्ण हैं। 2014 के 12 पंजीकृत में छह उत्तीर्ण व इतने ही अनुत्तीर्ण हैं, जबकि 2015 बैच के 259 पंजीकृत में से 258 परीक्षा में शामिल हुए, 36 का रिजल्ट अपूर्ण रहा, 84 उत्तीर्ण हुए और 138 अनुत्तीर्ण हो गए।

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