यूपीटीईटी 2019: पिछले वर्ष की अपेक्षा परिणाम पांच फीसद कम

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2019 के रिजल्ट में बड़ी गिरावट आई है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार प्राथमिक स्तर की परीक्षा में पांच प्रतिशत कम अभ्यर्थी सफल हो सके हैं। वहीं, उच्च प्राथमिक स्तर का रिजल्ट तो धड़ाम हो गया है, क्योंकि पिछले वर्ष जहां 33.12 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल हुए थे, उनका सफलता प्रतिशत इस बार घटकर महज 11.46 फीसदी ही रह गया है।

यूपीटीईटी 2019 की प्रक्रिया देर से शुरू हो सकी। अक्टूबर में शासनादेश जारी होने के बाद ऑनलाइन आवेदन लिए जा सके थे। पिछले वर्ष की अपेक्षा दोनों स्तर की परीक्षा के लिए आवेदक भी कम रहे। उसी तरह से रिजल्ट में भी बड़ा फासला कायम रहा। ज्ञात हो कि यूपीटीईटी 2018 का रिजल्ट चार दिसंबर को घोषित हुआ था उसमें सफल होने वालों की तादाद 33 प्रतिशत ही थी। उत्तरकुंजी को कोर्ट में चुनौती दी गई तो तीन प्रश्नों में समान अंक देने का निर्देश हुआ। उससे 20 दिसंबर को जारी संशोधित परिणाम में 19,852 अभ्यर्थी और सफल हो गए थे और पूरी परीक्षा में सफल होने वालों का आंकड़ा बढ़कर 35.15 प्रतिशत हो गया। इस तरह से वर्ष 2011 व 2014 के रिजल्ट के बाद 2018 का परिणाम सफलता के हिसाब से तीसरे नंबर पर रहा। ज्ञात हो कि वर्ष 2011 में प्राथमिक स्तर का रिजल्ट 50.18 फीसद और 2014 में प्राथमिक स्तर का रिजल्ट 44.10 फीसदी रहा था।

उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में तो इस वर्ष बड़ी गिरावट हुई है, क्योंकि वर्ष 2018 की परीक्षा में रिजल्ट 33.12 प्रतिशत रहा, जबकि इस वर्ष सिर्फ 11.46 फीसदी ही उत्तीर्ण हो सके हैं। हालांकि 2017 में उच्च प्राथमिक का परिणाम इकाई (7.87 प्रतिशत) में रहा है।

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ज्ञात हो कि इस परीक्षा में प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक भी पदोन्नति पाने के लिए शामिल होते हैं। वहीं, अन्य प्रशिक्षु भी शामिल होते हैं। इससे प्रशिक्षु और शिक्षकों की तैयारी व उनके ज्ञान का अंदाजा लगाया जा सकता है।

 

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