प्राथमिक स्कूलों में 29334 विज्ञान-गणित शिक्षक चयन का यह फलसफा

प्रयागराज : ‘किसी प्रतियोगी को एक नियुक्ति पत्र नहीं मिला तो कुछ प्रतियोगियों ने कई नियुक्ति पत्र हासिल करके अन्य के शिक्षक बनने का मौका खत्म कर दिया।’ बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक स्कूलों में 29334 विज्ञान-गणित शिक्षक चयन का यह फलसफा है। सात चरण की काउंसिलिंग के बाद भी भर्ती के करीब एक चौथाई पद खाली पड़े हैं। आवेदक हाईकोर्ट से लेकर शीर्ष कोर्ट तक दौड़ लगा रहे हैं लेकिन, आगे का चयन शुरू नहीं हो रहा है।

सपा शासन में 11 जुलाई 2013 को भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ। अभ्यर्थियों से 500 रुपये प्रति जिला शुल्क लिया गया, अधिकांश ने कई-कई जिलों के लिए आवेदन किया। चयन के लिए काउंसिलिंग सात चरणों में हुई लेकिन, एक ही तारीख में यह प्रक्रिया होने से मेधावी अभ्यर्थी कई जिलों में चयनित हो गए। 21 सितंबर 2015 को भर्ती के करीब 70 प्रतिशत पदों पर चयनितों को नियुक्ति पत्र दे दिया गया। इस तरह चयन होने से भर्ती के तमाम पद खाली रह गए हैं। अभ्यर्थियों ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी एकत्र की है। उसमें आजमगढ़ जिले में 708 नियुक्ति पत्र बांटे गए, उनमें 143 ने ज्वाइन नहीं किया। बलरामपुर में 440 में से 80, गाजीपुर में 542 में से 83, प्रतापगढ़ 450 में से 120, बरेली में 529 में से 207, गोंडा 575 में से 87, शाहजहांपुर 565 में से 106, हरदोई में 201, सीतापुर में 463 ने ज्वाइन ही नहीं किया है। जूनियर संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष अमित मिश्र कहते हैं कि इन पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थी ज्वाइन न करने वाले पदों को रिक्त मानकर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

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