मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों को जल्द राहत

प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसरों को विनियमितीकरण में जल्द ही राहत मिल सकती है। उप्र उच्च शिक्षा निदेशालय से प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन को निर्णय लेना है। आरक्षण में गड़बड़ी से रुके विनियमितीकरण को पत्रचार भी हुआ है। आसार जताए जा रहे हैं कि माह के तीसरे सप्ताह तक शुरुआत हो सकती है।

महाविद्यालयों में मानदेय पर 15 साल से कार्यरत शिक्षकों के विनियमितीकरण का आदेश नवंबर में हो गया था। 25 नवंबर को सभी को नियुक्ति पत्र देने का आदेश था लेकिन, आरक्षण में गड़बड़ी व इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामला पहुंचने से उप्र उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रक्रिया को रोक दिया। शासन की बैठक के बाद 18 दिसंबर को निदेशालय ने पत्र जारी कर विनियमितीकरण शुरू करने की प्रक्रिया सार्वजनिक की और अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा डॉ अनीता भटनागर जैन की ओर से मानदेय के लिए अर्ह पाए गए शिक्षकों के लिए तीन श्रेणियां निर्धारित की गईं। करीब 700 शिक्षकों को लाभ दिया जाना है। निदेशालय के अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है अब शासन को निर्णय लेन है।

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