टीईटी-एसटीईटी प्रमाण पत्र की मान्यता सात साल में ही खत्म नहीं हाेगी

टीईटी-एसटीईटी प्रमाण पत्र की मान्यता सात साल में ही खत्म नहीं हाेगी। अब इसकी मान्यता अभ्यर्थी की नाैकरी की उम्रतक रहेगी। लेकिन यह बदलाव भविष्य में हाेने वाली टीईटी और एसटीईटी पर ही लागू हाेगा। शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने मंगलवार को विधान परिषद में कहा कि एसटीईटी की भविष्य में होनी वाली परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र की वैधता आजीवन होगी।

मंत्री ने कहा कि एनसीटीई की गाइडलाइन आने के बाद इसे लागू किया जाएगा। मंत्री ने यह भी बताया कि 29 सितंबर 2020 को एनसीटीई की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि टीईटी प्रमाण पत्र की वैधता 7 वर्षों के स्थान पर जीवन भर के लिए किया जाए, लेकिन इसे प्रोसपेक्टिव इफेक्ट से लागू किया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि पहले से जिन अभ्यर्थियों के पास टीईटी प्रमाण पत्र हैं उनके संबंध में विधिक परामर्श प्राप्त करके अलग से कार्रवाई की जाएगी।

एनसीटीई के फैसले को ही बनाया आधार मंत्री ने कहा कि एनसीटीई के टीईटी के प्रमाण पत्र की वैधता के संबंध में लिए गए निर्णय को सामान्यत: राज्य सरकार एसटीईटी के प्रमाण पत्र की वैधता के संबंध में भी लागू करती है। इसी के मद्देनजर यह फैसला लिया है।

उन्होंने बताया कि इससे पहले एक जुलाई 2019 को विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत राज्य के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक के पद पर छठे चरण के नियोजन की प्रक्रिया का निर्धारण किया गया। एसटीईटी 2012 उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र की वैधता जो जून 2019 में समाप्त हो रही थी, उसे 2 वर्षों के लिए विस्तारित कर उन्हेें इस नियोजन प्रक्रिया में सम्मिलित होने का अवसर दिया गया।

अब देखना यह है की क्या यूपी में भी ऐसी घोषणा कर पाएंगे बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीशचन्द्र द्विवेदी जी कर पाएंगे या नहीं, युवाओं को आशा है कि जल्द ही ऐसा यूपी सरकार भी करेगी.

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