यूपी टीईटी में इस बार बदले होंगे प्रश्न व उत्तर

हाल में ही पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा में बदले पैटर्न का मुद्दा छाया रहा। परीक्षा में उन अभ्यर्थियों को खास परेशानी हुई जो इसके लिए तैयार नहीं थे, जबकि ‘दैनिक जागरण’ ने इस संबंध में आगाह किया था। अब बारी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) 2019 की है। यूपी पीसीएस व यूपी टीईटी के परीक्षा स्तर में कोई साम्य नहीं हो सकता, क्योंकि दोनों में चयन अलग तरह का है। यह जरूर है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा में इस बार कुछ बदलाव होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

यूपी टीईटी इस बार अगले रविवार यानी 22 दिसंबर को प्रदेश के सभी जिलों में हो रही है। इसके लिए 1986 परीक्षा केंद्र तय किए गए हैं, जहां प्राथमिक स्तर व 1063 केंद्रों पर उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा होगी। इसके लिए 16.45 लाख अभ्यर्थी दावेदार हैं। परीक्षा संस्था ने प्रश्नपत्र में बदलाव योग्य शिक्षकों के चयन के लिए किया है, वहीं उत्तरों में बदलाव नकल या फिर अन्य गलत तरीके को रोकने के लिए किया जा रहा है। यूपी टीईटी के पिछले परिणाम देखें तो सफलता प्रतिशत बहुत बेहतर कभी नहीं रहा, यह जरूर है कि पिछले वर्ष का परिणाम सबसे बेहतर रहा है। रिजल्ट प्रतिशत बढ़ने पर तर्क दिया गया कि इसमें बीएड अभ्यर्थी मान्य होने से इजाफा हुआ। हालांकि सच्चाई यह है कि प्रश्नपत्र का स्तर वैसा नहीं था, जैसी महकमे को अपेक्षा थी। परीक्षा संस्था कई दिन तक विषय विशेषज्ञों के संपर्क में रही, ताकि पेपर में संभावित बदलाव हो सके। हालांकि इस बार भी आमूलचूल परिवर्तन नहीं हो रहा है। सूत्रों की मानें तो आंशिक बदलाव हो सकता है, वह सब पाठ्यक्रम का ही हिस्सा होगा। केवल प्रश्न पूछने व उनका उत्तर देने में अभ्यर्थियों को मेहनत करनी होगी। जिन अभ्यर्थियों ने बीते आठ दिसंबर को सीटेट दी है और यूपी टीईटी देने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें कुछ मदद भी मिल सकती है। ऐसे ही उत्तर देने में हर बुकलेट सीरीज में पूछे गए प्रश्नों का नंबर व उनके उत्तर विकल्प में बदलाव मिल सकता है, ताकि कोई अभ्यर्थी पूछकर प्रश्न का जवाब न दे सके। वहीं, प्रश्नों का एक ही जवाब रखने का प्रयास किया गया है, ताकि उत्तर को लेकर विवाद न हो सके।

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