परिषदीय स्कूलों में खरीदी गई पुस्तकों व खेलकूद सामग्रियों की गुणवत्ता की होगी जांच

परिषदीय स्कूलों में बच्चों के लिए खरीदी गई खेलकूद सामग्रियों की गुणवत्ता और पुस्तकालय अनुदान के तहत खरीदी गई पुस्तकों की जांच होगी। गड़बड़ी मिलने पर दोषी प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों पर कार्रवाई भी होगी। इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा) ने जिलाधिकारी और जिला शिक्षा परियोजना समिति के अध्यक्ष को पत्र जारी किए हैं।

सभी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में खेलकूद सामग्री खरीदने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय से बजट जारी हुआ था। इसी प्रकार प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों के पुस्तकालयों के लिए पुस्तकें खरीदने के लिए भी एकमुश्त धनराशि जारी हुई थी। खेलकूद सामग्री और पुस्तकें विद्यालय प्रबंध समितियों के जरिए खरीदी जानी थी। कहा जा रहा है कि तमाम विद्यालयों में खेलकूद सामग्री न तो मानक और न सूची के अनुसार खरीदी गई। यही हाल पुस्तकों के खरीदने में भी रहा। सूत्र बताते हैं कि इसकी शिकायत निदेशक कार्यालय तक हुई थी। लिहाजा, निदेशक ने पांच अगस्त तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समंवयक (प्रशिक्षण) को 10-10 विद्यालयों की रेंडम सैंपलिंग के निर्देश दिए हैं। इसका सत्यापन खंड शिक्षाधिकारियों द्वारा कराने के भी निर्देश हैं। इसके अलावा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्तर से जांच समिति गठित करके अथवा एसडीएम के जरिए विद्यालयवार पुस्तकों और खेलकूद सामग्रियों की खरीद, उपलब्धता और गुणवत्ता संबंधी जांच कराने के लिए भी कहा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.