अनशन स्थगित, कार्यावधि बढ़ाने का रहेगा विरोध – UPPSC

UPPSC : घंटों की मान-मनौव्वल व कुछ मांगें मानने के बाद उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग कर्मचारी/अधिकारी संघ ने आमरण अनशन स्थगित कर दिया है। लेकिन, एक घंटा कार्यावधि बढ़ाने का विरोध जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग अध्यक्ष के आने पर संघ का प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर उनसे वार्ता करेगा। अध्यक्ष से उचित आश्वासन न मिलने पर संघ आमरण अनशन शुरू कर देंगे। इसके पहले सुबह 10 से शाम पांच बजे तक ही काम करने का निर्णय किया है।

लोकसेवा आयोग में 31 मार्च 2020 तक कार्यावधि सुबह 10 से शाम छह बजे तक की गई है। यह निर्णय लंबित परीक्षाओं व परिणामों को पटरी पर लाने के लिए किया गया है। लेकिन, कर्मचारी/अधिकारी संघ ने उसे उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। संघ के अध्यक्ष दिनेश पांडेय गुरुवार को आमरण अनशन पर बैठने वाले थे। लेकिन, दोपहर में आमरण अनशन शुरू होने से पहले आयोग के सचिव जगदीश ने संघ के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया। घंटों चली वार्ता में सचिव ने सार्वजनिक अवकाश देने, पीसीएस की एनओसी जारी करने व जिन सेक्शन में काम नहीं है वहां शाम पांच बजे तक ही काम करने की छूट दे दिया। इसके बाद आमरण अनशन स्थगित कर दिया गया।

अध्यक्ष से होगी निर्णायक वार्ता:: उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग कर्मचारी/अधिकारी संघ के अध्यक्ष दिनेश पांडेय का कहना है कि राजपत्रित अधिकारी का पदनाम देने, सचिवालय कर्मियों की भांति भत्ता बढ़ाने, मानदेय पुनरीक्षित जैसी मांगों को लेकर आयोग अध्यक्ष से निर्णायक वार्ता की जाएगी। अगर सार्थक निष्कर्ष न निकला तो आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। साथ ही कहा कि हम शनिवार व रविवार को अवकाश चाहते हैं। इसके लिए प्रतिदिन 30 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं।

अध्यक्ष के आने पर होगा निर्णय: सचिव जगदीश ने बताया कि उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग कर्मचारी/अधिकारी संघ के प्रतिनिधिमंडल की कुछ मांगों को पूरी करने पर विचार किया गया है। जबकि कुछ मांगें शासनस्तर पर पूरी होनी है। ऐसे में आयोग अध्यक्ष के आने पर उस पर निर्णय किया जाएगा।

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