बीएड व बीटीसी कोर्स चला रहे निजी संस्थानों पर कसेगा शिकंजा

  

बीएड व बीटीसी कोर्स चला रहे निजी संस्थानों पर शिकंजा कसा जाएगा। इन्हें नियमों का सख्ती से पालन करना होगा और कोर्स संचालन में पारदर्शिता लानी होगी। इसके साथ ही पीएचडी व डीलिट की उपाधि देने के नियमों को और सख्त किया जाएगा। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे नियम-कानून और सख्त किए जाएंगे।

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गठित की गई पांच सदस्यीय कमेटी में सेवानिवृत्त विधि परामर्शी (राज्यपाल) एसएस उपाध्याय, विशेष सचिव (उच्च शिक्षा) मनोज कुमार, लखनऊ विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. अर¨वद मोहन, व्यापार प्रबंधन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर संजय मेधावी और उच्च शिक्षा परिषद के अपर सचिव राजेश चतुर्वेदी शामिल हैं। फिलहाल अभी बीटीसी कोर्स चला रहे संस्थानों को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों की बॉयोमैटिक उपस्थिति दर्ज की जाए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। आगे सभी संस्थानों पर शिकंजा कसा जाएगा।

शिक्षकों को मिलेगा राज्य पुरस्कार : 27 निजी विश्वविद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षकों को भी अब उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक दिवस पर दिया जाने वाला राज्य पुरस्कार मिलेगा। उच्च शिक्षा विभाग की पांच सदस्यीय कमेटी इसके लिए भी नियम तय करेगी।

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