शिक्षकों को कोड आवंटन में शिथिलता मामला

प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को कोड आवंटन में शिथिलता बरतने वाले अफसरों पर हुई है। प्रदेश के तीन मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (एडी बेसिक) व छह बेसिक शिक्षा अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का आदेश दिया गया है। परिषद सचिव ने यह कदम एनआइसी की रिपोर्ट आने के बाद उठाया है, इसके पहले कई बार अफसरों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये गए, लेकिन उसकी अनसुनी हुई।

परिषद ने विभागीय कार्यो के लिए अधिकारियों की मनुहार करने के बजाय उन पर सख्ती करने का संदेश दिया है। इस समय परिषद के स्कूलों में पद निर्धारण और मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के लिए शिक्षकों का विवरण फीड करने का काम चल रहा है। इस संबंध में आठ फरवरी 2016 को ही आदेश हुए थे। इसमें शिक्षकों का ऑनलाइन डाटा फीड किया जाना है। हर शिक्षक को विभाग एक कोड देगा, इसी कोड से शिक्षक की सारी जानकारी भी मिलेगी। इसके लिए बीते 24, 25, 26 व 27 मई को इलाहाबाद सीमैट में डाटा फीडिंग की प्रगति समीक्षा हुई। 29 व 30 मई को भी सभी बीएसए को काम में तेजी लाने को कहा गया। बीते एक जून को एनआइसी लखनऊ ने परिषद को रिपोर्ट सौंपी है कि जिलों में डाटा फीडिंग का कार्य बेहद धीमा है और कई जिलों में फीडिंग अभी शुरू ही नहीं हो सकी है। शासन ने पांच जून तक कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है।

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बार-बार निर्देश के बावजूद कार्य में शिथिलता पर उठा सख्त कदम  जिले मे ंडाटा फीडिंग का काम धीमे होने पर जताई गई नाराजगीइन अफसरों पर हुई परिषद सचिव संजय सिन्हा ने सूबे के नौ जिलों व मंडलों के विभागीय अधिकारियों पर सख्त के आदेश दिये हैं। इसमें बागपत के बीएसए योगराज सिंह, झांसी के जय सिंह, मऊ के राकेश कुमार, कानपुर नगर के अमरीश कुमार यादव, जालौन के बीएसए कमलेश कुमार ओझा और सहारनपुर के बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह शामिल है।

इसके साथ ही आजमगढ़ के मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक यानी एडी बेसिक नंद लाल सिंह, गोरखपुर के एडी बेसिक सत्य प्रकाश त्रिपाठी और झांसी व चित्रकूट के एडी बेसिक नजरूद्दीन अंसारी के खिलाफ करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है। अन्य जिलों पर भी निगाह है देरी करने वालों पर और सख्त की तैयारी है।

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