प्रेरणा एप फेल, अब ‘कायाकल्प’ से विद्यालयों की मॉनीटरिंग

लखनऊ : बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कुछ माह पहले सूबे के परिषदीय में प्रेरणा एप से शिक्षकों, बच्चों की हाजिरी और मिड-डे मिल वितरण की व्यवस्था की मॉनीटरिंग के शुरू हुई थी। मकसद था कि शिक्षक विद्यालय में पूरा टाइम दें और अधिक से अधिक बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले।

यह व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई। तमाम शिक्षकों ने तरह-तरह की आपत्तियां जतानी शुरू की और फिर विरोध प्रदर्शन होने लगा। हाजिरी व्यवस्था पूरी तरह से फेल होने के बाद अब प्रेरणा एप पर ही नई व्यवस्था कायाकल्प माड्यूल शुरू किया गया है। कायाकल्प माड्यूल्स से विद्यालय की व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग की जाएगी। इसके लिए हर जनपद स्तरीय टीम गठित की गई है।

विद्यालय में जाकर वहां की व्यवस्थाएं चेक करनी होगी और एप में उसकी फोटो डाउन लोड करनी होगी। एप से सूबे के सभी खंड शिक्षाधिकारी, बीएसए से लेकर डायरेक्टर बेसिक शिक्षा तक जुड़े होंगे। वह विद्यालय की व्यवस्थाएं लाइव देख सकेंगे। इसके बाद जो खामियां होंगी उसे दूर कराकर फिर उसकी फोटो एप में अपलोड की जाएगी।

कायाकल्प माड्यूल से विद्यालयों में सुविधाओं की मॉनिटरिंग होगी। प्रदेश के हर जनपद में यह व्यवस्था लागू की जा रही है। लखनऊ में टीम गठित कर दी गई है और काम भी शुरू हो गया है। प्रेरणा एप से हाजिरी के संबंध में अभी शिक्षकों को टैबलेट दिए जाने की बात चल रही है। उसके बाद शिक्षकों की हाजिरी व्यवस्था शुरू होगी। – डॉ. अमरकांत सिंह, बेसिक शिक्षाधिकारी लखनऊ

इनकी होगी निगरानी: बच्चों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था क्या है। हैंडपंप, वाटर कूलर के पास बच्चों को खड़ा कर पानी निकालते हुए फोटो। शौचालय साफ है अथवा नहीं, हैंडवॉश है या नहीं, बच्चों के बैठने की व्यवस्था, रंग-रोगन, बैठने की व्यवस्था, ब्लैक बोर्ड की स्थिति, रसोईघर की स्वच्छता और स्थिति, रैम्प की स्थिति, बाउंड्रीवाल, क्रियाशील विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था, विद्यालय विकास की योजना समेत अन्य ¨बदुओं पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर हां अथवा न में देंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.