आंगनबाड़ी केंद्र को प्री-प्राइमरी स्कूल की तरह संचालित करने की तैयारी

देवरिया : आंगनबाड़ी केंद्र को प्री-प्राइमरी स्कूल की तरह संचालित करने की तैयारी है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की संयुक्त पहल पर यह व्यवस्था लागू की जा रही है। जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसके लिए प्रशिक्षित भी किया जा चुका है।

गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र बहुत पहले से बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है लेकिन इसके स्वरूप को बदलने की कवायद हो रही है। जिसको लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में उत्साह है। प्ले स्कूल की तरह होगी व्यवस्था प्री-प्राइमरी में तीन से छह साल के बच्चे पढ़ेंगे। उन्हें चित्र, कार्टून, कठपुतली के अलावा खेल-खेल में पढ़ाया जाएगा। जिससे उनके बौद्धिक स्तर को बढ़ाया जा सके। यहां निजी विद्यालयों के प्ले स्कूल में जो व्यवस्था होती है, उस तरह की व्यवस्था दिखेगी। कुछ सामान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंप दिया गया है। 52 केंद्रों के लिए बनाए जाएंगे भवन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बैठने व अन्य व्यवस्थाओं के लिए सरकार ने 52 केंद्रों के लिए भवन निर्माण कराने के लिए बजट दिया है। जिले के सभी 16 ब्लाक में दो से चार केंद्र बनाए जा रहे हैं। यह सभी केंद्र प्राथमिक विद्यालयों में बनाए जा रहे हैं, ताकि प्री-प्राइमरी संचालित करने में कोई दिक्कत न हो। सितंबर के अंतिम पखवारा तक इन केंद्रों के निर्माण कार्य पूरा करा लेने की जिम्मेदारी दी गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा पढ़ाने व अन्य व्यवस्थाओं के बारे में हाल ही में प्रशिक्षित किया गया है। जिले में कुल 3243 आंगनबाड़ी केंद्र हैं।

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प्री-प्राइमरी संचालित करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। कोरोना के चलते अभी तक इसके संचालित करने की तिथि निर्धारित नहीं हो सकी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। कृष्णकांत राय

जिला कार्यक्रम अधिकारी