परिषदीय स्कूलों में वर्षों पुरानी गुरुकुल पद्धति को प्रयोग में लाए जाने की तैयारी

बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में नई शिक्षा नीति को प्रयोग में लाया जाएगा। इसके जरिए बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में वर्षों पुरानी गुरुकुल पद्धति को प्रयोग में लाए जाने की तैयारी है। नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को मौलिक अधिकारों, नागरिकता कौशल, जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता, स्वच्छता, जलवायु परिवर्तन और अपशिष्ट प्रबंधन आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। नए बदलाव में स्कूलों में साफ-सफाई की कमान अब छात्र-छात्राएं संभालेंगे।

प्रयागराज के कुल 2852 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं संविलयित विद्यालयों में से उच्च प्राथमिक के बच्चों के लिए नई व्यवस्था को लागू किया जाएगा। जिले में इस समय लगभग चार लाख 30 हजार 126 बच्चे अध्ययनरत हैं। नई व्यवस्था के तहत बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में हर बच्चे को 15 से 20 मिनट तक रोजाना सफाई करनी होगी।

पहली से पांचवीं तक के बच्चों को इस प्रक्रिया से मुक्त रखा गया है। कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को रोजाना साफ सफाई अनिवार्य होगा। नई शिक्षा नीति में बच्चों को उनके मौलिक अधिकार, स्वच्छता आदि के बारे में परिपक्व करने का प्रावधान किया गया है। उसी के तहत शासन स्तर से ये फैसला किया गया है। स्कूलों में मेरा विद्यालय स्वच्छ विद्यालय कार्यक्रम चलाया जाएगा। बच्चों के अलावा शिक्षक भी इस काम में जुटेंगे। शिक्षक न केवल बच्चों को साफ-सफाई का अभ्यास करने के लिए प्रेरित करेंगे बल्कि स्वयं सफाई करके बच्चों का मार्गदर्शन करेंगे।