नगरीय प्राइमरी स्कूलों में गांव के वरिष्ठ शिक्षकों को वरीयता

नगर क्षेत्र के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों पर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में तैनात वरिष्ठ शिक्षकों को वरीयता दी जाएगी। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चंद्र द्विवेदी के मुताबिक अंतर जिला तबादलों के बाद अब नगर क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर किया जाएगा। नगर क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती के लिए नई नीति तैयार की जा रही है। जिन स्कूलों में विद्यार्थी बहुत कम हैं, उन्हें बंद किया जाएगा और बच्चे दूसरे स्कूलों में समायोजित किए जाएंगे।

प्राइमरी स्कूलों व उच्च प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को बिना प्रशिक्षण में हिस्सा लिए प्रमोशन नहीं मिलेगा। उन्हें समय-समय पर आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण लेना होगा। मालूम हो कि करीब दस साल पहले नगर क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शिक्षक समायोजित किए गए थे, उसके बाद से भर्ती नहीं हुई।

कक्षा एक में वर्ष 2021 से एनसीईआरटी पाठ्यक्रम : मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) का पाठ्यक्रम वर्ष 2021 से पढ़ाया जाएगा। इसकी शुरुआत कक्षा एक से होगी। यूपी की जरूरत के अनुसार एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में जरूरी संशोधन भी होगा। वहीं प्री-प्राइमरी स्तर की पढ़ाई भी प्राइमरी स्कूलों में शुरू होगी।

चार हजार संदिग्ध शिक्षकों में डेढ़ हजार निकल चुके हैं फर्जी : करीब डेढ़-दो वर्षो में परिषदीय स्कूलों में चार हजार संदिग्ध शिक्षक चिह्न्ति किए गए हैं। इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। अभी तक जांच में करीब डेढ़ हजार शिक्षकों की मार्कशीट व डिग्री फर्जी निकलने के बाद इन्हें बर्खास्त किया जा चुका है। फिलहाल यूपी के विश्वविद्यालयों से मार्कशीट व डिग्री का वेरीफिकेशन तेजी से किया जा रहा है। दूसरे राज्यों के विश्वविद्यालयों से संपर्क किया गया है।

फाइव स्टार प्रदर्शन की खुल रही पोल : मंत्री सतीश द्विवेदी ने पीएफआइ द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह फंड जुटाकर देश के खिलाफ साजिश की जा रही है। प्रदर्शन में शामिल लोगों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। विरोधियों द्वारा कराए जा

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