‘गुरुकुल पद्धति’ को फिर से अमल में लाए जाने की कवायद शुरू

गोरखपुर। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में अब वर्षों पुरानी ‘गुरुकुल पद्धति’ को फिर से अमल में लाए जाने की कवायद शुरू की गई है। नई शिक्षा नीति में भी इस पद्धति को अपनाने का प्रावधान किया गया है। नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को मौलिक अधिकारों, नागरिकता कौशल, जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता आदि के बारे में जानकारी देने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत अब साफ सफाई की कमान छात्र-छात्राएं संभालेंगे। नए सत्र से कक्षा छह से आठ तक हर सरकारी स्कूल में ये व्यवस्था लागू होगी। जिसके तहत बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में

हर विद्यार्थी को 15 से 20 मिनट तक रोजाना सफाई करनी होगी।
कक्षा एक से पांच तक के बच्चे इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे। कक्षा छह से आठ तक के बच्चों के लिए ये अनिवार्य होगा। नई शिक्षा नीति में बच्चों को उनके मौलिक अधिकार,स्वच्छता आदि के बारे में परिपक्व करने का प्रावधान किया गया है। उसी के तहत शासनस्तर से ये फैसला किया गया है। स्कूलों में मेरा विद्यालय-स्वच्छ विद्यालय कार्यक्रम चलाया जाएगा। बच्चों के अलावा शिक्षक भी इस काम में जुटेंगे। वे न केवल विद्यार्थियों को साफ-सफाई का अभ्यास करने के लिए प्रेरित करेंगे बल्कि उनका मार्गदर्शन कर खुद भी सफाई करेंगे इसके लिए शिक्षकों की ओर से छात्र- छात्राओं का समूह भी तैयार किया जाएगा स्कूल की समय सारिणी में भी ये शामिल किया जाएगा।

जिले में 2504 स्कूल

जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट स्कूलों की कुल संख्या 2504 है। जिसमें करीब 3 लाख 68 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

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