प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरा को लेकर शिक्षामित्रों के आंदोलन से डरा बनारस प्रशासन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आ रहे। जैसे ही प्रधानमंत्री के कर्यक्रम की खबर शिक्षामित्रों को लगी वैसे ही शिक्षामित्रों ने प्रधानमंत्री से मिलने की कोशिश तेज कर दी प्रदेश के सभी शिक्षामित्र संगठनों ने शिक्षामित्रों से अपील कि वो ज़्यदा से ज़्यदा संख्या में वाराणसी पहुंचे। शिक्षामित्र संगठनों के आवाहन पर विभिन्न जिलों से करीब बीस हजार शिक्षामित्र बनारस पहुंच चुके हैं। शिक्षामित्रों का कहना है कि हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनका वादा याद दिलाने वाराणसी पहुंच रहे है जो वो इलेक्शन के समय हम से करके गए थे। शिक्षामित्रों की वाराणसी में बढ़ती हलचल से प्रशासन बहुत ही डरा हुआ है। वाराणसी प्रशासन ने शिक्षामित्रों को समझाने की कोशिशें भी तेज कर दी हैं। शिक्षा मित्रों को उम्मीद है कि उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हो सकती है।

शिक्षामित्र की अपील प्रधानमंत्री के कर्यक्रम में जाने की: शिक्षामित्र संगठनों ने शिक्षामित्रों से अपील है जो शिक्षामित्र बनारस नहीं जा पा रहे हैं उन से निवेदन है कि कृपया आज वह स्कूल ना जाएं ताकि हम शिक्षामित्रों का बनारस कार्यक्रम सफल हो जाए। क्योंकि हमें अपनी एकता का परिचय देते हुए दो दिन सामूहिक अवकाश पर रहना है इसलिए जनपद सम्भल के सभी शिक्षामित्र साथियों से मेरा निवेदन है कि कोई भी साथी दिनांक 22/09/2o17 व 23/09/2o17 को विद्यालय न जायें। कोई भी साथी दोनों दिन विद्यालय में हस्ताक्षर न करें अपने रजिस्ट्रर में सामूहिक अवकाश लिखें। आपका अपना अशोक यादव जिला महामंत्री उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ सम्भल, जकीउल्ला जिला कोषाध्यक्ष सम्भल, नितिन चौधरी मंडल उपाध्यक्ष सम्भल, रजनीश शर्मा जिला उपाध्यक्ष सम्भल, अमजद अली जिला उपाध्यक्ष सम्भल, धर्मपाल जिला उपाध्यक्ष सम्भल, समस्त पदाधिकारी जनपद सम्भल.

विभिन्न जिलों के शिक्षामित्रों का शहर में जमावड़ा: वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनका वादा याद दिलाने के लिए विभिन्न जिलों से करीब बीस हजार शिक्षामित्र यहां पहुंच चुके हैं। प्रशासन इससे डरा है। उन्हें समझाने को कोशिशें तेज हैं। उम्मीद है कि शिक्षामित्रों के प्रतिनिधिमंडल की पीएम से मुलाकात कराई जा सकती है। बैठक कर बनाई रणनीति शिक्षामित्रों ने गुरुवार को एलटी कॉलेज में बैठक की। उनका कहना है कि वे हर हाल में पीएम तक अपनी बात पहुंचाएंगे। अध्यक्षता आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसो. के जिलाध्यक्ष अमरेंद्र दुबे ने की।

कार्यक्रम में अवरोध किया तो शिक्षा मित्र जाएंगे जेल: शिक्षा मित्रों के प्रदर्शन की घोषणा पर प्रशासन सतर्क हो गया है। प्रशासन ने इसके निबटने के लिए विशेष तैयारी की है। यदि शिक्षा मित्र पीएम के कार्यक्रम में अवरोध उत्पन्न करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें जेल भेजने की तैयारी कर ली है। इसके लिए अस्थायी जेल भी बनाई गई है। पीएम के कार्यक्रम स्थल के आसपास खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों को बेहद सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। गिरफ्तारी के लिए दो दर्जन से अधिक बसों का इंतजाम किया गया है। पीएम के यहां से संकेत मिलने के बाद प्रतिनिधियों की मुलाकात करायी जाएगी। खुफिया एजेंसियों को अलर्ट किया गया है।

बैठक कर बनाई रणनीति: आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोशिएशन के जिलाध्यक्ष अमरेंद्र दुबे की अध्यक्षता शिक्षामित्रों ने गुरुवार को एलटी कॉलेज में बैठक रणनीति बनाई है। उनका कहना है कि वे हर हाल में पीएम तक अपनी बात पहुंचाएंगे। अगर प्रधानमंत्री मिलने का मौका मिला तो उनसे कहा जाएगा कि उनके भविष्य को कानूनी पचड़े में न फंसाया जाए। केंद्र सरकार चाहेगी तो उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। पीएम को देने के लिए पत्रक भी तैयार किया गया है।

शाहंशाहपुर में उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी: प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान अपनी और ध्यान खींचने के लिए शिक्षामित्रों ने रणनीति बनाई। जैसे उन्होंने सितंबर में डीरेका में प्रधानमंत्री की जनसभा में किया था। उस सयम शिक्षामित्रों के हंगामे के कारण पीएम को भाषण रोकना पड़ा था। शिक्षामित्र चाहते हैं कि पीएम सावर्जनिक तौर पर बताएं कि वह उनके लिए क्या कर सकते हैं। अगर इससे पहले बातचीत का मौका मिलता है तो शिक्षामित्र नेताओं के साथ क्या वार्ता हुई? यह भी सार्वजनिक किया जाए।

शिक्षामित्र नेताओं के सम्पर्क हैं जिला प्रशासन: शिक्षामित्रों की उपस्थिति को लेकर बनारस प्रशासन चौंकन्ना है। प्रशासन जिला और प्रांतीय नेताओं के सम्पर्क में हैं। उन्हें समझाने-बुझाने की कोशिश चल रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अगर पीएमओ से स्वीकृति मिलती है तो प्रतिनिधिमंडल को प्रधानमंत्री से मिलवाया जाएगा।

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PM Modi visit Banaras

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