पीसीएस प्री परीक्षा 2019 का प्रश्नपत्र अपेक्षा से काफी कठिन रहा

उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा रविवार को आयोजित की गई पीसीएस प्री परीक्षा 2019 का प्रश्नपत्र अपेक्षा से काफी कठिन रहा। पेपर संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की तर्ज पर बनाया गया था, जिसे देखकर अभ्यर्थियों को ठंड में पसीना आ गया। वर्षों बाद परंपरा तोड़ते हुए पीसीएस प्री परीक्षा के प्रश्नों में बदलाव किया गया। परीक्षा का पेपर सामान्य स्तर का भले था, लेकिन उसमें तकनीकी, तार्किक व सामान्य ज्ञान के प्रश्नों को गंभीरता से बनाया गया था। प्रश्नपत्र के जरिए पेपर बनाने वाले पैनल में हुए बदलाव की झलक नजर आई। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रश्नों को देखकर लगता है कि पीसीएस प्री का पेपर बनाने के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की मदद भी ली गई है।

पीसीएस प्री परीक्षा 2019 में सामान्य ज्ञान पर आधारित प्रश्न ज्यादा पूछे गए। पेपर संघ लोकसेवा आयोग की तर्ज पर बनाया गया। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित, इतिहास, भूगोल, राजनीतिशास्त्र, विज्ञान, अर्थव्यवस्था से प्रश्न पूछे गए। इसके अलावा पर्यावरण, कृषि पर्यावरण, पारिस्थितिकीय आदि से संबंधित प्रश्न आए। अर्थव्यवस्था, राजव्यवस्था, भूगोल व सामान्य विज्ञान के भी अधिकांश प्रश्न समसामयिक और व्यवहारिक ज्ञान आधारित रहे। अभ्यर्थी अवनीश पांडेय बताते हैं कि पेपर देखने साफ है कि आयोग ने विशेषज्ञों का पैनल बदल दिया है।

विकल्प चुनना था कठिन: प्रश्नपत्र में विभिन्न विषयों के उन स्थानों से प्रश्न बनाया गया, जिसे अधिकतर लोग पढ़ते नहीं हैं। प्रश्नों में अत्यंत गूढ़ता तथा उत्तर के चार विकल्प भी बेहतर बनाए गए। लेकिन माइनस मार्किंग होने के चलते अभ्यर्थियों के लिए एक विकल्प चुनना आसान नहीं था। इस बार पुरानी परीक्षाओं में आने वाले प्रश्नों को शामिल नहीं किया गया।

कठिन होगा पास करना : लोकसेवा आयोग ने पदों की संख्या कम कर दी है। पहले प्री में पद के सापेक्ष मेंस के लिए 18 गुना अभ्यर्थी पास किए जाते थे। इस बार उसे कम करके 15 गुना कर दिया है। अभ्यर्थी राजेंद्र का कहना है कि प्री का पेपर देखकर सीसैट पास कठिन लग रहा है।UPPSC

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