इस बार उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का बदल जाएगा पैटर्न

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) 2019 में पूछे जाने वाले प्रश्नों का पैटर्न बदलने जा रहा है। इम्तिहान को स्तरीय बनाया जा रहा है, ताकि नियमित तैयारी करने वाले अभ्यर्थी इसे उत्तीर्ण कर सकें। खास बात यह है कि परीक्षा का पाठ्यक्रम यथावत रहेगा, केवल पूछे जाने वाले प्रश्नों का तरीका बदलने पर कार्य हो रहा है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय इसका विस्तृत प्रस्ताव तैयार करा रहा है।

प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी उत्तीर्ण होना जरूरी है। यह परीक्षा प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के लिए हर वर्ष कराई जाती है। प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए बीएड को सशर्त अनुमति मिलने के बाद अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ी है। अब तो बीएड को बेसिक शिक्षा परिषद की नियमावली में भी मान्य कर दिया गया है, हालांकि इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल है और उस पर अंतिम निर्णय आना है। पिछले वर्ष की परीक्षा में रिकॉर्ड आवेदन हुए थे और 2018 यूपी टीईटी में रिकॉर्ड अभ्यर्थी साढ़े पांच लाख से अधिक सफल भी हुए थे। 2019 के लिए आवेदन का नया रिकॉर्ड बन सकता है। ऐसे में परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय इम्तिहान को स्तरीय बनाने में जुटा है। परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का पाठ्यक्रम कक्षा एक से आठ तक और कठिनाई स्तर इंटरमीडिएट ही होगा, केवल पूछे जाने वाले प्रश्नों का तरीका बदलेगा, ताकि अभ्यर्थी तुक्के के सहारे परीक्षा उत्तीर्ण न हो, बल्कि तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को ही शिक्षक बनने का मौका मिले। इम्तिहान केंद्रीय शिक्षक पात्रता यानी सीटेट का भी होता है, उसमें पूछे जाने वाले प्रश्नों को देखा जा रहा है। प्रश्न ऐसे रखे जाएंगे, जिनका एक ही उत्तर विकल्प हो, ताकि उत्तर कुंजी के बाद किसी तरह का विवाद न रहे।

परीक्षा की शुचिता के लिए भी अन्य कई प्रबंध व निर्देश जारी होंगे, जो पिछले वर्षो में नहीं थे। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय यूपी टीईटी का प्रस्ताव बना रहा है, यह अगले सप्ताह शासन को भेजा जाएगा। तैयारी है कि सितंबर में ऑनलाइन आवेदन लिए जाएं और अक्टूबर के अंत या नवंबर में परीक्षा कराई जाए। पिछले वर्ष परीक्षा नवंबर में ही हुई थी।

0 Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.