शिक्षामित्रों के शिक्षक बनने का रास्ता लगभग साफ

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों की 69 हजार शिक्षक भर्ती में अभिलेख विसंगति के शिकार अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। बशर्ते, उनका गुणांक जिले के अंतिम चयनित से अधिक हो और उन्होंने जानबूझकर प्राप्तांक अधिक न भरा हो। बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने इस संबंध में पांच मार्च को आदेश जारी किया था। अब उसका अनुपालन 15 मार्च तक करने के निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं।

इसके अलावा 138 शिक्षामित्रों के शिक्षक बनने का रास्ता भी लगभग साफ हो गया है। निर्देश है कि यदि शिक्षामित्रों का गुणांक जिले के अंतिम चयनित से अधिक है तो महानिदेशक स्कूल शिक्षा शासन को प्रस्ताव भेजें। वहीं, जिन अभ्यर्थियों ने आवेदनपत्र में वैध प्रमाणपत्र व अंकपत्र के आधार पर अधिक प्राप्तांक अंकित किया व उनके अंक व प्रमाणपत्रों में स्क्रुटनी, पुनर्मूल्यांकन व बैक पेपर आदि से प्राप्तांक में विश्वविद्यालय या संस्था ने खुद बदलाव किया है तो इसके लिए अभ्यर्थी को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। ऐसे अभ्यर्थी यदि संबंधित जिले में अपने वर्ग में अंतिम चयनित अभ्यर्थी के गुणांक से अधिक गुणांकधारी हैं तो उन्हें नियुक्ति पत्र निर्गत किया जाएगा।

यदि अभ्यर्थी का वास्तविक गुणांक संबंधित वर्ग में अंतिम चयनित के गुणांक से कम है, लेकिन राज्य स्तर पर संबंधित वर्ग में चयनित अभ्यर्थी के गुणांक से अधिक है तो उनका प्रस्ताव शिक्षा निदेशक बेसिक के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। शासन की ओर से निर्णय के बाद कार्यवाही की जाएगी। वहीं, अभ्यर्थी ने स्वयं बिना अभिलेखीय आधार के वास्तविक प्राप्तांक से अधिक या कम पूर्णांक अंकित किया है तो उनका चयन व अभ्यर्थन निरस्त किया जाएगा। इसी तरह से उन अभ्यर्थियों का भी चयन व अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जाएगा, जिनकी ओर से 28 मई, 2020 के बाद निर्गत जाति व निवास प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया गया है।

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