कॉपी पर उत्तीर्ण लेकिन रिजल्ट व चयन सूची से बहार

प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में होने वाली शिक्षक भर्ती में मिली गड़बड़ी के चलते रिजल्ट का पुनमरूल्यांकन किया गया था। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने शिक्षक भर्ती का दूसरा रिजल्ट जारी कर दिया है। लेकिन शिक्षक भर्ती के पहले रिजल्ट में जिन मेधावियों को फेल करार दिया गया, उनमें से कई का परिणाम दूसरे रिजल्ट में भी दुरुस्त नहीं हो सका है, जबकि उन्हें कॉपी पर अच्छे अंक हासिल हुए हैं। खास बात यह है कि उच्च स्तरीय जांच समिति ने सबसे पहले उनकी अनदेखी की, फिर परीक्षा संस्था ने भी मुंह मोड़ लिया है। अच्छे अंक पाने के बाद भी वे रिजल्ट व चयन सूची दोनों से बाहर हैं। अब वह कोर्ट जाने को मजबूर हैं।

शिक्षक भर्ती का पहला रिजल्ट 13 अगस्त को आने के बाद मेधावी छात्र खासे आहत थे, क्योंकि वे फेल घोषित किए गए। इन्हीं के विरोध पर उच्च स्तरीय जांच हुई उसी बीच अभ्यर्थियों ने दो हजार रुपये शुल्क अदा करके स्कैन कॉपी हासिल की। उसमें ऐसे अभ्यर्थी भी सामने आए जो कॉपी पर दर्ज अंकों से परीक्षा उत्तीर्ण होते हुए फेल घोषित कर दिए गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि उच्च स्तरीय समिति ने जिन 51 अभ्यर्थियों को कॉपी पर उत्तीर्ण पाकर नियुक्त करने का निर्देश दिया है, उनमें वह भी शामिल होंगे।

पांच अक्टूबर के शासनादेश पर 23 अक्टूबर को चयन सूची बनी इसमें परीक्षा संस्था ने 51 की जगह 45 को ही चयन के उपयुक्त पाया और सूची परिषद मुख्यालय को भेज दी गई। परीक्षा संस्था ने प्रत्यावेदन लेकर आश्वस्त किया कि पुनमरूल्यांकन में उनका ध्यान रखा जाएगा। अभ्यर्थियों की मानें तो उन्होंने याची बनकर दोबारा मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। इसमें भी छह अभ्यर्थियों का नाम पुनमरूल्यांकन के परिणाम में शामिल नहीं है। बाकी 13 अभ्यर्थी दोबारा परिणाम में चयनित हो रहे हैं। अच्छे अंक पाकर चयन सूची से बाहर होने पर वे अब बेहद निराश हैं और अब कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। News Source -Jagran

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