अध्यापकों के समायोजन से मचा घमासान अध्यापक हो रहे परेशान

परिषदीय विद्यालयों में अध्यापकों के समायोजन को लेकर घमासान मचा हुआ है। एक तरफ तो सितंबर की छात्र संख्या के आधार पर समायोजन हो रहा है। दूसरी तरफ कब सूची जारी हो जाती और कब किस शिक्षक शिक्षिका का नाम सूची में शामिल हो जाता यह कोई जान नहीं पा रहा है।

समायोजन सूची में शामिल अध्यापकों से सोमवार को बीआरसी पर विकल्प पत्र भरवाए गए। अब क्या होगा और किस तरह से विद्यालयों का आवंटन होगा यह किसी को नहीं पता है।बेसिक शिक्षा विभाग में अजीब खेल चल रहा है। एक तरफ स्कूल चलो अभियान में बच्चों का प्रवेश कराया जा रहा है तो दूसरी तरफ अप्रैल की छात्र संख्या के आधार पर शिक्षक शिक्षिकाओं का समायोजन हो रहा है। कक्षा एक में प्रवेश हो रहा है और कक्षा पांच पास कर कक्षा छह में जा रहे हैं। दूसरी तरफ अन्य बच्चों का भी प्रवेश हो रहा है लेकिन विभाग उस तरफ कोई ध्यान न देकर अप्रैल की छात्र संख्या पर समायोजन कर रहा है।

पहले आन लाइन शुरु हुई और अब आफ लाइन काम चल रहा है। अध्यापक इंतजार कर रहे थे कि सोमवार को अचानक पांच विद्यालयों का विकल्प भरने का आदेश जारी कर दिया। घमासान के बीच बीआरसी पर आवेदन पत्र जमा हुए और अब 18 तारीख को उनकी काउंसिलिंग कराने की बात कही जा रही है। लेकिन अध्यापकों का कहना है कि कई के नाम सूची में शामिल नहीं थे वह हो गए और कुछ सूची से बाहर भी हो गए। विज्ञान गणित के अध्यापक को लेकर पूरी सूची में खेल हो गया।

सोमवार को विकल्प जमा होने के बाद मंगलवार को काउसिलिंग कराई जानी ह लेकिन क्या होगा कैसे विद्यालय दिए जाएंगे इसकी किसी को जानकारी नहीं है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मसीहुज्जमा सिद्दीकी ने बताया कि शासन के आदेश पर काम हो रहा है और सूची में शामिल अध्यापकों की काउंसिलिंग कराकर स्कूल दिए जाएंगे।

एक तरफ स्कूल चलो अभियान, दूसरी ओर हो रहा समायोजन कमेटी की देखरेख में होगा समायोजन. समायोजन की काउंसिलिंग को लेकर घमासान मचा हुआ है लेकिन जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने कड़ा रुख अख्तियार कर रखा है। बताते हैं कि जिलाधिकारी ने कमेटी बनाकर पूरी प्रक्रिया करने का आदेश दिया है। जिसमें जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी रखा जाएगा। अब कैसे क्या होता है यह बाद की बात है लेकिन अध्यापक परेशान हैं।

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