परिषदीय स्कूलों में तबादलों को लेकर शिक्षक भी मुखर हुए

प्रयागराज : इन दिनों शासन व बेसिक शिक्षा परिषद से अंतर जिला तबादले होने पर वह शिक्षक भी मुखर हुए जिन्हें आवेदन करने के बाद भी लाभ नहीं मिल सका है। उनका कहना है कि पहले ऑनलाइन तबादलों के नाम पर उन लोगों को हाशिए पर रखा गया और अब शासन का फरमान सिर्फ चुनिंदा के लिए ही जारी हो रहा है। आखिर दिव्यांग, महिला सहित पीड़ितों की बारी कब आएगी।

बुलंदशहर जिले की डिबाई की विधायक डॉ. अनीता लोधी ने प्राथमिक विद्यालय सतवरी ब्लाक दानपुर के प्रधानाध्यापक हरपाल सिंह विद्यालय पर स्कूल न आने का आरोप लगाया। इसी जिले के प्राथमिक विद्यालय खरिकवारी के प्रधानाध्यापक विनोद कुमार शर्मा पर भी नियमित स्कूल न आने का आरोप लगा। जांच में उप जिलाधिकारी डिबाई ने पाया कि हरपाल सिंह अपने पुत्र संग कभी-कभी ही स्कूल आते हैं। ऐसे ही विनोद कुमार के भी स्कूल में बुलंदशहर से कभी-कभी स्कूल आने की रिपोर्ट दी गई।

अपर मुख्य सचिव डॉ. प्रभात कुमार ने हरपाल सिंह का प्रशासनिक आधार पर तबादला बलिया व विनोद कुमार का देवरिया जिले में किया है। सचिव परिषद ने इस संबंध में दोनों बीएसए को आदेश दिया है। प्रशासनिक आधार पर अंतर जिला तबादले का प्रावधान नियमावली में नहीं है। नाम न छापने की शर्त पर शिक्षकों का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर दोनों शिक्षकों को अंतर जिला तबादले का पुरस्कार दिया गया है। इसके पहले भी शासन व परिषद ने कोर्ट के आदेश पर ऐसे तबादले किए हैं। अंतर जिला तबादला करने की इसे नई विधा करार दिया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि आचार संहिता लागू होने से पहले अंतर जिला तबादले का आदेश जारी किया जाए।

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