परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की उपस्थिति अब ग्राम प्रधान के हाथों में

बलिया: परिषदीय स्कूलों में उपस्थिति को लेकर शिक्षकों की चली आ रही मनमानी अब संभव नहीं हो सकेगी। विद्यालयों में शिक्षकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने व उनकी मनमानी रोकने के लिए शासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया हैं। शासन ने शिक्षकों की उपस्थिति अब ग्राम प्रधान के हाथों में दे दी है। ग्राम प्रधानों को शिक्षकों की उपस्थिति देखने व जांचने की जिम्मेदारी दी है। ग्राम प्रधान अब पुरे महीने शिक्षकों की उपस्थिति जांचेंगे और इसकी रिपोर्ट विभाग को प्रेषित करेंगे। स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति को सुधारने व स्थानीय जनप्रतिनिधियों को महत्व देने के लिए शासन ने यह कदम उठाया हैं। शासन द्वारा तमाम प्रयास किये जाने के बाद भी विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। जनपद में बहुत सारे स्कूल ऐसे है जिनमें शिक्षक अपने मन ,माने समय से आने जाने का काम करते है। शिक्षकों के इस तरीके से स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है।

कई स्कूलों का तो ये हाल है कि शिक्षक स्थानीय खंड शिक्षाधिकारियों से मिलीभगत कर पूरे माह में एकाध बार ही स्कूल आते है। वेतन नियमित रूप से उठाते हैं। इस तरह के हालत ग्रामीण इलाकों में कुछ अधिक है। खासतोर पर द्वाबा क्षेत्र व गंगा व घाघरा किनारे बने स्कूलों में इस तरह की स्थिति ज्यादा है। इस स्थिति को लेकर विभागीय स्तर पर तमाम प्रयास किये जा चुके है लेकिन धरातल पर इसका कोई असर दिखाई नहीं देता है। विभागीय स्तर पर हल जाँच कर दर्जनों ऐसे शिक्षकों का वेतन भी रोका गया तो कई शिक्षकों को निलंबित भी किया है फिर भी कई जगह आज भी शिक्षकों की मनमानी बदस्तूर जारी है। ऐसे में तमाम पहलुओं व गतिविधियों के बाद शासन ने स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति में सुधार लाने के लिए यह निर्णय लिए हैं।

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इसके तहत ग्राम प्रधान अपने ग्राम पंचायत स्थित परिषदीय स्कूलों में प्रतिदिन समय से शिक्षकों की उपस्थिति को देखेंगे और महीने में इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर विभागीय अधिकारी को सौंपेंगे। ऐसे में फरमान आने के बाद विभाग भी इसके कवायद में जुट गया है। इससे सुधरेगी स्थिति बीएसए संतोष कुमार राय कहना है कि इस निति को पुरे जिले में लागू करने के लिए मंडलायुक्त ने फरमान जारी किया था। इसके लागू हो जाने के बाद स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा यदि ग्राम प्रधान इस दायित्व का सही ढंग निर्वहन करेंगे तो काफी बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। फिलवक्त इसके अनुपालन की कवायद शुरू कर दी गई है।

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