पर्चा आउट होने से पहले भी प्रयागराज के माथे पर पेपर लीक के दाग

  

Answer Keyप्रयागराज : उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (यूपीपीएनपी) की उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) का पर्चा आउट होने से पहले भी प्रयागराज के माथे पर पेपर लीक के दाग लगते रहे हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पर्चा आउट होने के दो मामलों की अलग-अलग जांच सीबीआइ और सीबीसीआइडी कर रही है। एक मामले में आयोग की तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को गिरफ्तार भी किया गया था। यूपीटीईटी की परीक्षा 28 नवंबर को शुरू होने के पहले ही इंटरनेट मीडिया पर प्रश्नपत्र आउट हो गया था। प्रश्नपत्र की सुरक्षा के लिए उच्चस्तर के मानदंडों का पालन नहीं करने पर पीएनपी सचिव संजय कुमार उपाध्याय को निलंबित किए जाने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है।

पीएनपी के माथे पर कौशांबी में डीएलएड का पर्चा आउट होने का भी धब्बा है, जिसकी परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। इसके अलावा वर्ष 2019 की 69,000 शिक्षक भर्ती परीक्षा शुरू होने के पहले इंटरनेट मीडिया पर पर्चा आउट होने की खबरें आईं। हालांकि, तत्कालीन सचिव ने पर्चा आउट होना नहीं माना, जिसके खिलाफ प्रतियोगियों ने पीएनपी कार्यालय के बाहर धरना भी दिया था। इतना ही नहीं, नकल माफिया उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में भी सेंध लगाकर पर्चा आउट कर चुके हैं।

पीसीएस प्री-2015 की परीक्षा का प्रश्नपत्र 29 मार्च को लीक हुआ था। यह प्रश्नपत्र लखनऊ में परीक्षा के पहले आउट हुआ। इसकी सीबीआइ जांच कर रही है। इसी तरह वर्ष 2016 की समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा का पेपर 27 नवंबर, 2016 को लीक हुआ था। परीक्षा शुरू होने से पहले पर्चा लीक होने का यह मामला भी लखनऊ में हुआ था, जिसकी जांच सीबीसीआइडी अब भी कर रही है। इसके अलावा आयोग की 29 जुलाई, 2018 को एलटी ग्रेड परीक्षा में हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय का पेपर वाराणसी में लीक हो गया था। मामले की जांच एसटीएफ से कराई गई। इसमें तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था।

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