छह से आठ तक क्लास के बच्चों की भी बुधवार से ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हो जाएगी

लखनऊ। सीनियर छात्रों कौ स्कूलों में पढ़ाई शुरू होने के बाद अब छह से आठ तक क्लास के बच्चों की भी बुधवार से ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हो जाएगी। सीनियर कक्षाओं के मुकाबले इनमें छात्रों की उपस्थिति कम रहने वाली है। ऐसे में स्कूल ऑनलाइन भी क्लास चलाएंगे। स्कूलों के अनुसार अभी इन क्लास के बच्चों के ज्यादा अभिभावकों की सहमति नहीं मिली है। एक सितंबर के बाद उपस्थिति बढ़ने की उम्मीद है। निजी स्कूलों में अभी 30 फीसदी छात्रों के अभिभावकों ने ही उन्हें स्कूल भेजने पर सहमति जताई है। शासन की ओर से जारी एसओपी में सुबह 8 से 11 और साढ़े 11 से ढाई बजे तक कक्षाएं चलाने को कहा गया है। वहीं, जूनियर कक्षाओं के लिए अभिभावकों से सहमति लेने का भी निर्देश है। स्कूलों के अनुसार कोरोना को लेकर अब भी काफी अभिभावक आशंकित हैं। ऐसे में ज्यादातर की सहमति नहीं मिली है। कई अभिभावकों ने सहमति पर कोई जवाब ही नहीं दिया हैं। वहीं, काफी संख्या में अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने के इच्छुक भी हैं। पायनियर मांटेसरी स्कूल की प्रधानाचार्या शर्मिला सिंह ने बताया कि कई अभिभावक घर से बाहर हैं। ऐसे में पूर्ण रूप से इनकी सहमति नहीं मिली है। मंगलवार को छात्रों को सहमति पत्र के साथ ही आने को कहा गया है। अवध कॉलेजिएट के प्रबंधक सर्वजीत सिंह ने बताया कि 30 फीसदी अभिभावकों की सहमति आ चुकी है। स्कूल सुबह साढ़े 11 से तीन बजे तक खुलेगा। वरदान इंटरनेशनल एकेडमी की प्रिंसिपल ऋचा खन्ना ने बताया कि काफी संख्या में अभिभावकों ने सहमति दी है, अब देखना है कि मंगलवार को कितने बच्चे आते हैं। उधर, सरकारी स्कूल जैसे राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज, अमानाबाद इंटर कॉलेज समेत उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 20 प्रतिशत बच्चों के अभिभावकों की ही सहमति मिल पाई है। अधिकतर अभिभावकों से संपर्क भी नहीं हो पाया। छात्रों को सहमति पत्र के साथ भेजने को कहा गया है।

एक शिफ्ट में क्लास चलाएंगे स्कूल

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निजी विद्यालय एक शिफ्ट में क्लास चला रहे
हैं, हालांकि वे दो शिफ्ट लगा सकते हैं। स्कूलों
ने ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से
क्लास चलाने की बात कही है। ये तीन घंटे की
होंगी। लंच के निर्देश तो नहीं हैं, लेकिन छात्रों
को स्नैक्स, फल आदि लाने के लिए कहा है।
बे अपनी सीट पर बैठकर ही इसे खा सकेंगे।

सीनियर कक्षाओं में उपस्थिति बढ़ी
सीनियर कक्षाओं की 16 अगस्त से ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हुई थी। इसकी शुरुआत में 40 से 50 फीसदी छात्र स्कूल पहुंचे, लेकिन अब उपस्थिति 70 फीसदी तक पहुंच गई है। कक्षा 10 और 12 के छात्रों की उपस्थिति ज्यादा है।

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