दूसरे रिजल्ट में शिक्षक बनने की दौड़ में भी ओबीसी चयन में आगे

आज कल उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का बहुत जोर शोर है। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इन शिक्षक भर्ती में बहुत धांधली भी मिल रही है। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूलों में अध्यापक बनने की दौड़ में ओबीसी अभ्यर्थी सबसे आगे रहे हैं। 68500 सहायक शिक्षक भर्ती में सामान्य व ओबीसी वर्ग का कटऑफ अंक बराबर रहा है। ओबीसी परीक्षार्थिओं ने पहले व दूसरे दोनों परिणाम में अपनी मेधा का लोहा मनवाया है।

बेसिक शिक्षा परिषद स्कूलों में शिक्षक भर्ती का पहला रिजल्ट 13 अगस्त को जारी हुआ और उसमें 41556 अभ्यर्थी उत्तीर्ण घोषित हुए थे। परिणाम में 15772 सामान्य वर्ग, 19168 ओबीसी, 6493 एससी व 123 एसटी वर्ग के अभ्यर्थी थे। शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा में एक लाख सात हजार 865 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, उनमें से 66 हजार 309 अनुत्तीर्ण हो गए थे। लेकिन पहले रिजल्ट पर गंभीर आरोप लगने तमाम अभ्यर्थी हाईकोर्ट पहुंचे और कोर्ट ने कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन कराने का आदेश दिया। कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन कराने के लिए अक्टूबर में ऑनलाइन आवेदन लिया।

परीक्षा संस्था ने एससीईआरटी से करीब 30 हजार से अधिक कॉपियों का पुनमरूल्यांकन कराया है। ऑनलाइन आवेदन करने वाले और कोर्ट के आदेश पर जिनकी कॉपियां जांची गई उनका परिणाम जारी किया, पुनमरूल्यांकन में 4688 सफल घोषित किए गए हैं। सामान्य के 1595, ओबीसी के 2356, एससी के 722 व एसटी के 15 अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जबकि सात अनुत्तीर्ण हो गए हैं। 26157 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनमें अधिकांश के अंक कम या फिर अधिक हुए हैं।

परिषद मुख्यालय को भेजी चयन सूची : परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय को परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने गुरुवार देर शाम 4688 अभ्यर्थियों की चयन सूची भेज दी है। माना जा रहा है कि चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए शासन दो दिन के अंदर समय सारिणी कर जारी करेगा। उसी के अनुरूप जिला आवंटन और फिर काउंसिलिंग के बाद नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।

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