अब पहली क्लास से पीजी तक पढ़ाएगा एक ही पोर्टल

नई दिल्ली : ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ सरकार अब इसे ज्यादा से ज्यादा सुलभ बनाने में भी जुट गई है। इसके तहत दीक्षा पोर्टल को एक ऐसा एकीकृत स्वरूप दिया गया है, जहां अब पहली से लेकर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट तक की सारी अध्ययन सामग्री मौजूद रहेगी। इसके साथ ही इस पोर्टल पर शिक्षकों के प्रशिक्षण से जुड़ी सारी अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध रहेगी। मंत्रलय ने इसके मोबाइल एप को भी अपडेट किया है, यानी इसके जरिये छात्र अब मोबाइल पर भी पढ़ाई कर सकेंगे।

मानव संसाधन विकास मंत्रलय इस एकीकृत पोर्टल पर स्कूली शिक्षा में सीबीएसई के साथ-साथ देशभर के सभी बोर्डो से जुड़ी अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराने में जुटा है। इस पर काम शुरू हो गया है। ज्यादातर स्कूली बोर्डो ने फिलहाल उपलब्ध अध्ययन सामग्री को इस पोर्टल पर डाल दिया है। इसी तरह यूजीसी भी अब अपने सारे कंटेंट को इस पर उपलब्ध कराने की तैयारी में है जिसके लिए अलग-अलग विश्वविद्यालयों को इसका जिम्मा सौंपा गया है।

बता दें कि अभी तक सीबीएसई सहित सभी स्कूली बोर्डो से जुड़ी अध्ययन सामग्री अलग-अलग पोर्टल पर उपलब्ध थी। इनमें यू-ट्यूब पर उपलब्ध अध्ययन सामग्री भी शामिल है। इस पोर्टल को इस तरह से डिजाइन भी किया जा रहा है, ताकि छात्रों को अध्ययन सामग्री खोजने में किसी भी तरह की परेशानी न हो। इस पर नजर रखने के लिए एक टीम अलग से लगाई गई है।

सभी भाषाओं में उपलब्ध होगी अध्ययन सामग्री

सरकार इसके साथ ही स्कूलों से जुड़ी अध्ययन सामग्री को राज्यों की जरूरत के मुताबिक अलग-अलग भाषाओं में भी उपलब्ध कराने की तैयारी में है। फिलहाल अब तक अंग्रेजी, हंिदूी, संस्कृत और उर्दू में अध्ययन सामग्री को अपलोड किया जा रहा है, जबकि आगे इसमें असमी, कन्नड़, तेलुगु सहित अन्य दूसरी भारतीय भाषाओं में भी अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए राज्यों से भी मदद ली जा रही है।

’>>देश के सभी स्कूली बोर्डो से जुड़ी सामग्री होगी मौजूद

’>>हायर एजुकेशन तक का पूरा कंटेंट इसमें होगा उपलब्ध

’>>सीबीएसई समेत कई बोर्डो से जुड़ी सामग्री थी मौजूद

’>>छात्रों को समस्या न हो, इस पर नजर रखने के लिए भी बनाई गई है एक टीम

आइआइटी और टिपल आइटी में इस साल नहीं बढ़ेगी फीस

जाब्यू, नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच छात्रों तक हर तरीके से मदद पहुंचाने में जुटी सरकार इस साल अब छात्रों पर फीस का कोई भी अतिरिक्त बोझ नहीं डालेगी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों (टिपल आइटी) में नए शैक्षणिक सत्र से फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव को वापस ले लिया है। मानव संसाधन विकास मंत्रलय ने आइआइटी और टिपल-आइटी सहित ऐसे सभी संस्थानों में फीस बढ़ोतरी के प्रस्तावों की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया है। इनमें इस साल से एमटेक की फीस में होने वाली बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी शामिल है। मानव संसाधन विकास मंत्रलय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल फीस में बढ़ोतरी न करने को लेकर वैसे तो सहमति बन गई है। लेकिन अभी इस पर फैसला होना बाकी है।

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