शिक्षकों की भर्ती में अब उर्दू की अनिवार्यता खत्म करने पर विचार

Teacher लखनऊ : प्रदेश सरकार अनुदानित मदरसों में वैकल्पिक विषयों को पढ़ाने वाले शिक्षकों की भर्ती में अब उर्दू की अनिवार्यता खत्म करने जा रही है। यह नियम हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान आदि वैकल्पिक विषयों के शिक्षकों पर लागू होगा। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन भेज दिया है। सरकार जल्द ही मदरसा नियमावली में संशोधन करने जा रही है। अभी अनुदानित मदरसों में वैकल्पिक विषय पढ़ाने वाले शिक्षकों की भर्ती में उर्दू की अनिवार्यता है। इस कारण कई बार मदरसों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान आदि वैकल्पिक विषय पढ़ाने वाले योग्य शिक्षक नहीं मिल पाते हैं। इसलिए बोर्ड ऐसे शिक्षकों की भर्ती में उर्दू की अनिवार्यता खत्म करने का प्रस्ताव तैयार किया है। अनुदानित मदरसों में 14 शिक्षकों में वैकल्पिक विषय पढ़ाने वाले दो शिक्षक रखे जाते हैं। प्रदेश में 558 अनुदानित मदरसे हैं। नवगठित मदरसा शिक्षा परिषद की बैठक आज : नवगठित मदरसा शिक्षा परिषद की मंगलवार को पहली बैठक होने जा रही है। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। इसमें कामिल (स्नातक) व फाजिल (परास्नातक) की मान्यता ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि से देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी।

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