बच्चों की कम उपस्थिति पर दो प्रधानाध्यापकों को नोटिस

कौशांबी : प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय दलेलागंज की स्थित बेहद खराब है। बुधवार को बीएसए के निरीक्षण के दौरान पंजीकृत छात्रों के सापेक्ष आधे से भी कम बच्चे मौजूद मिले। शौचालय का प्रयोग विद्यालय में नहीं किया जा रहा था। छात्रों का शैक्षिक स्तर भी निम्न था। उन्हें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का नाम तक नहीं पता था। बीएसए ने दोनों स्कूल के प्रधानाध्यापकों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। साथ ही कहा कि संतोषजनक जवाब न मिला तो वेतन वृद्धि रोक दी जाएगी।

बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वराज भूषण त्रिपाठी ने गुरुवार को सरसवां विकास खंड के दलेलागंज स्थित स्कूलों को निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश, सहायक अध्यापक शिव कुमार त्रिपाठी, जितेंद्र सिंह, वलकेशवर व शिक्षामित्र संगीता देवी तैनात है। विद्यालय में कुल 209 बच्चों को पंजीकरण है। निरीक्षण के दौरान स्कूल में 28 बालक और 15 बालिका मिलीं। स्कूल में एमडीएम शेड में घास उगने के साथ गंदगी पसरी है। स्कूल में बने शौचालय का उपयोग भी छात्र नहीं करते। छात्र संख्या कम होने पर बीएसए ने शिक्षकों को फटकार लगाई।

इसके बाद वह पूर्व माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। प्रधानाध्यापक जितेंद्र सिंह मौजूद मिले, सहायिका अर्चना सिंह मातृव अवकाश पर रहीं। अनुदेशक आरती देवी मौजूद रही जबकि अनुदेशक शशी प्रकार सिंह व माया देवी पांच दिसंबर से स्कूल से बिना सूचना के अनुपस्थित थीं। छात्रों के हाजिरी रजिस्टर में छह दिसंबर से कोई उपस्थिति दर्ज नहीं थी। स्कूल के पीछे के गेट पर गंदगी थी। बीएसए ने दरवाजे को बंद करने का निर्देश दिया। शिक्षक धूप ले रहे और सभी बच्चे बाहर खेल रहे थे। इस पर बीएसए ने शिक्षकों को फटकार लगाई। बीएसए ने छात्रों से कुछ सवा पूछे, जिसका वह जवाब नहीं दे सके। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता को अति न्यून बताते सुधार लाने की चेतावनी दी है।

पंजीकृत छात्रों के सापेक्ष आधी से भी कम रही उपस्थिति, बीएसए ने प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय दलेलागंज का किया निरीक्षण

सरसवां ब्लाक के जूनियर विद्यालय दलेलागंज स्कूल की जांच करते बीएसए स्वराज भूषण त्रिपाठी व सामने खड़े प्रधानाध्यापक जीतेन्द्र सिंह ’जागरण

चार शिक्षक नदारद, रोका एक दिन का वेतन

जासं, कौशांबी : खंड शिक्षा अधिकारी नेवादा ने बुधवार को स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय परिसर समेत करीब आधा दर्जन विद्यालयों के निरीक्षण में चार शिक्षक नदारद मिले। बीइओ ने सभी का एक दिन के वेतन रोकने की संस्तुति की है। साथ ही शिक्षकों के बिना बताए स्कूल से लापता रहने पर जवाब मांगा है। खंड शिक्षा अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने स्कूलों को स्थलीय निरीक्षण किया। मिश्रपुर डहिया स्थित कस्तूरबा गांधी आवासी बालिका विद्यालय परिसर पहुंचे। यहां छात्रओं के कमरे की स्थित सही नहीं थी। उनके ठंड से बचाव की समीक्षा करते हुए बेहतर स्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय खोपा के निरीक्षण के दौरान वहां तैनात सहायक अध्यापक राम कृष्ण श्रीवास्तव, हंसराज व धर्मनाथ शुक्ल अनुपस्थित मिले। उन्होंने सभी का एक-एक दिन का वेतन रोक दिया। स्कूल में मौजूद प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों से बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्राथमिक विद्यालय खोपा के निरीक्षण के दौरान वहां तैनात शिक्षक विजय बहादुर बिना सूचना के लापता रहे। उन्होंने चारों शिक्षकों के एक दिन के वेतन रोके जाने की संस्तुति की है। बताया कि क्षेत्र के स्कूलों का प्रतिदिन निरीक्षण होना है, जो भी शिक्षक गायब मिलेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

दोनों ही स्कूलों का शैक्षिक स्तर बहुत ही निम्न है। छात्रों की उपस्थिति भी कम थी। इसको लेकर प्रधानाध्यापक से जवाब मांगा गया है। साथ ही रजिस्टर में हाजिरी न भरना गंभीर मामला है। इसको लेकर उनसे जवाब मांगा गया है। दोबारा निरीक्षण में स्थिति में सुधार नहीं दिखा तो कार्रवाई निश्चित है।

स्वराज भूषण त्रिपाठी, बीएसए

प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का नाम नहीं बता सके छात्र

बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्कूल के आठवीं के छात्र जितेंद्र, छात्र वंदना और आरती से देश के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम पूछा। लेकिन, कोई भी छात्र उनके सवाल का जवाब नहीं दे सके। इसको लेकर उन्होंने शिक्षकों से कहा कि कम से कम छात्रों को बेसिक जानकारी दी जानी चाहिए, जिससे वह इस प्रकार के सवाल का जवाब दे सके। उन्होंने शिक्षकों से नाराजगी भी जताई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.