यूपी फर्जी शिक्षक मामले में अभी तक नहीं हो पाई एक भी आरसी जारी

उत्तर प्रदेश में फ़र्ज़ी शिक्षकों के मामले दिन रात निकल रहे है. लेकिन अभी तक इन फ़र्ज़ी शिक्षकों के मामले में अभी तक कोई आरसी जारी नहीं हुई और न ही इस मामले की कोई सूचना निदेशालय पहुंची क्योंकि इसमें लेखाधिकारी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं. बर्खास्त शिक्षकों से वेतन वसूली के लिए धनराशि का लेखा जोखा वित्त व लेखाधिकारी को करना है. निदेशालय सभी वित्त व लेखाधिकारियों को वेतन रिकवरी का आंकलन करने का निर्देश दिया है.

फ़र्ज़ी शिक्षक मामले में सभी बीएसए को 3 जुलाई तक आरसी जारी कर रिपोर्ट निदेशालय भेजनी थी. इस मामले की समीक्षा बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार 29 जून से कर रही है लेकिन लेकिन अपर मुख्य सचिव को वीडियो कांफ्रेंसिंग में अधिकतर बीएसए ने जानकारी दी है कि वित्त लेखाधिकारी इसमें सहयोग नहीं कर रहे हैं. वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद शुक्रवार को निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने सभी वित्त व लेखाधिकारियों को रिकवरी वाले वेतन का आकलन कर बीएसए को सौंपने के निर्देश दिए हैं. फर्जी डिग्री से शिक्षक की नौकरी करने वाले 1427 फ़र्ज़ी शिक्षकों की पहचान हो चुकी है. इसमें से 930 को ससपेंड कर दिया है. इनमें से केवल 4 के खिलाफ वेतन रिकवरी के आदेश हुए हैं.

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