विधानसभा क्षेत्र मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में न लगाए शिक्षामित्रों की ड्यूटी – रीना सिंह

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानसभा क्षेत्र मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम 26 दिसम्बर से होने जा रहा है। प्रशासन ने शिक्षामित्रों को बीएलओ बनाकर इस कार्यक्रम में उनकी ड्यूटी लगा दी है। इससे प्रदेश भर के शिक्षामित्र नाराज हो गए है। उन्होंने इस कार्यक्रम का बहिष्कार करने का मन बना लिया है। उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव बताया कि यूपी टीईटी का परिणाम जारी होने के बाद से प्रदेश के सभी शिक्षामित्र जनवरी-फरवरी में प्रस्तावित 68500 सहायक अध्यापक की लिखित भर्ती परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। ये परीक्षा उनके भविष्य का फैसला करेगी। ऐसे हालत में भी सभी जिलों के प्रशासन ने शिक्षामित्रों को बीएलओ बनाकर उन्हें मतदाता सूची पुनरीक्षण की जिम्मेदारी देदी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों को रियायत के बजाय, उनको 80 से 100 किमी दूर बूथों पर बीएलओ बना दिया है। इससे शिक्षामित्रों की पढ़ाई बाधित होगी। उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने शिक्षामित्रों को बीएलओ बनाये जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के बहिष्कार की घोषणा की है।

स्‍थायी कर्मचारी और शिक्षक बनाए जाएं बीएलओ: उन्होंने कहा कि सरकार को स्थायी कर्मचारियों और शिक्षकों को बीएलओ नियुक्त करना चाहिए। शिक्षक भर्ती परीक्षा शिक्षा मित्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है इसलिए मंगलवार से शुरू हो रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम का शिक्षामित्र बहिष्कार करेंगे। अनिल यादव ने कहा कि पहले ही सरकार अल्प मानदेय में 80 से 100 किलोमीटर दूर विद्यालयों में शिक्षण कार्य करा रही है। इस मानदेय से शिक्षामित्र परिवार का भरण पोषण तो दूर विद्यालय जाने आने का किराया भी नही दे पा रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार को द्वेष की भावना त्याग कर, शिक्षामित्रो के भविष्य के लिए जल्द उचित कदम उठाना चाहिए।

बीएलओ ड्यूटी नहीं चाहते शिक्षामित्र:: आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विधानसभा निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण अभियान में शिक्षामित्रों की ड्यूटी न लगाने का आग्रह शासन से किया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने तर्क दिया है कि सहायक अध्यापक पद से शिक्षामित्रों को हटाने के साथ ही शिक्षक बनने के लिए टी ई टी के दो अवसर देने के आदेश दिए हैं। अगर शिक्षामित्रों से बीएलओ की ड्यूटी कराई जाती है तो उनकी शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी प्रभावित होगी।

आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ दर्जनों शिक्षामित्र सदर तहसील पहुंचे और उपजिलाधिकारी को अपना ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए शिक्षामित्रों को तैयारी का पूरा अवसर मिलना चाहिए। क्योंकि इस अवसर से चूक जाने पर शिक्षामित्रों का भविष्य अंधकार में चला जायेगा। बीएलओ ड्यूटी करेंगे तो परीक्षा की तैयारी नहीं कर पाएंगे, इसलिए उन्हें बीएलओ ड्यूटी से मुक्त कर दिया जाए। ज्ञापन देने वालों में एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल वर्मा, पीतांबर, इंद्रपाल, रामनरेश पांडेय, जितेंद्र कुमारी, रामेश्वर दयाल, नरेश पाल, पूरन देवी, नत्थूलाल, मुनीश पाल, रामकुमार, रामबहादुर, लीलावती, रामभरोसे, दुर्गा देवी समेत अन्य शिक्षामित्र शामिल रहे।

आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष रीना सिंह ने बीएसए को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि शिक्षामित्रों से शिक्षण कार्य के अतिरिक्त अन्य कोई कार्य न कराया जाय। संगठन ने निर्णय लिया है शिक्षामित्र बीएलओ का कार्य नहीं करेंगे। जब सरकार शिक्षामित्रों को अयोग्य मानती है तो उन पर सरकार बीएलओ का कार्य क्यों कराना चाहती है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों का मानदेय खाते में नहीं गया है। वह दो दिन के भीतर प्रार्थना पत्र लाकर दे दें।shikshamitra duty in vidhan sabha constituency voter list revision program

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