संस्कृत की संशोधित उत्तरकुंजी में तीन प्रश्नों में राहत नहीं

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र की ओर से प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती 2016 संस्कृत विषय को लेकर विवाद बरकरार है। चयन बोर्ड ने शुक्रवार को संशोधित उत्तरकुंजी जारी की है लेकिन, उसमें भी तमाम खामियां हैं। इससे प्रतियोगी छात्रों में निराशा है। वहीं, तीन प्रश्नों के उत्तर विकल्प अब भी नहीं बदले गए हैं।

चयन बोर्ड ने टीजीटी 2016 की लिखित परीक्षा मार्च 2019 में कराई थी और उसके परिणाम अक्टूबर से देना शुरू किया। संस्कृत विषय की उत्तर कुंजी जारी होने के बाद अभ्यर्थियों ने 11 प्रश्नों पर आपत्तियां की थी। चयन बोर्ड की ओर से शुक्रवार को जारी संशोधित उत्तरकुंजी में छह प्रश्नों के जवाब सही न होने पर उनके आगे एफ दर्ज है।

इन प्रश्नों में बुकलेट सीरीज सी में 4, 42, 91, 92, 125 व 52 हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि संस्कृत विषय के जानकार बिपिन त्रिपाठी का कहना है कि इस प्रकार की त्रुटियां बोर्ड व विषय विशेषज्ञों की योग्यता पर प्रश्नचिह्न् खड़ा करतीं हैं, प्रतियोगियों का कहना है कि चयन बोर्ड पुन: विषय विशेषज्ञों से जांच कराकर रिजल्ट जारी करे, अन्यथा वे न्यायालय की शरण लेंगे। बोर्ड का कहना है कि संशोधित उत्तरकुंजी विषय विशेषज्ञों से परीक्षण बाद ही जारी की, जो दुरुस्त है।

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