NIOS DElEd की डिग्री पूरी तरह मान्य: त्रिपुरा शिक्षक भर्ती बोर्ड

त्रिपुरा शिक्षक भर्ती बोर्ड ने शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों से कहा है कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) से प्राप्त डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) पूरी तरह मान्य है। बोर्ड ने कहा कि यह निर्णय त्रिपुरा हाईकोर्ट के फैसले के मद्देनजर लिया गया है।

बोर्ड ने कहा, ‘लॉकडाउन खत्म होने के बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे।’

एनआईओएस डीएलएड (NIOS D.El.Ed) डिग्री उन उम्मीदवारों को दी गई थी जिन्होंने अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए रखी गई एनआईओएस के ट्रेनिंग प्रोग्राम को पूरा किया था।

हालांकि कुछ राज्यों ने इस डिग्री को अवैध करार देते हुए स्वीकार करने से मना कर दिया है।

2019 में बिहार के डीएलएड धारकों को शिक्षक भर्ती के लिए अयोग्य करार दे दिया गया था 18 महीने के डीएलएड कार्यक्रम को उन लाखों शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया था जो अप्रशिक्षित थे और शिक्षा के अधिकार कानून के चलते उनकी नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा था। 2017 में एनआईओएस ने करीब 13-14 लाख शिक्षकों को यह कोर्स कराया था। इसके लिए संसद में कानून पारित कर विशेष रूप से मंजूरी ली गई थी। हालांकि, यह कोर्स करने के बाद जब बिहार के निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों ने सरकारी भर्ती के लिए आवेदन किया तो बिहार सरकार ने एनसीटीई से इस बारे में राय मांगी कि क्या ये शिक्षक भर्ती के लिए योग्य हैं? इसके जवाब में एनसीटीई ने 18 महीने के डीएलएड कार्यक्रम को अमान्य करार दे दिया। 18 माह की अवधि को शिक्षक भर्ती के लिए आवश्यक अवधि से छह माह कम बताया गया था।

जनवरी 2020 में पटना हाईकोर्ट ने उम्मीदवारों के पक्ष में फैसला सुनाया था।

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